तीन तलाक देने वालों को होगी तीन साल की सजा…मोदी सरकार ने तैयार किया विधेयक

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नई दिल्ली: संसद का शीतकालीन सत्र होते ही केंद्र बिलों को पास कराने की कवायद में जुट गई है। इन्ही बिलों की फेहरिस्त में तीन तलाक पर गैर-जमानती बिल भी शामिल है। शुक्रवार को मोदी कैबिनेट ने इस बिल को मंजूरी भी दे दी है। अब बाकी है तो सिर्फ संसद में पेश करना जो केंद्र सरकार अगले सप्ताह में करेगी। बताया जा रहा है कि मोदी सरकार ने इस विधेयक का नाम ‘द मुस्लिम वीमेन प्रोटेक्शन ऑफ राइट्स इन मैरिज एक्ट’ रखा है।

मिली जानकारी ने अनुसार, सुप्रीम कोर्ट द्वारा तीन तलाक पर लगाई गई रोक के बाद सरकार ने  ‘द मुस्लिम वीमेन प्रोटेक्शन ऑफ राइट्स इन मैरिज एक्ट’ नाम का एक विधेयक तैयार किया है, जिसमें तीन तलाक देने वाले के खिलाफ अधिकतम तीन साल की सजा का प्रावधान है। हालांकि, यह कानून सिर्फ तीन तलाक (INSTANT TALAQ, यानि तलाक-ए-बिद्दत) पर ही लागू होगा।

बताया जा रहा है कि सरकार इस बिल को पिछले काफी समय से तैयार कर रही थी। बीते एक दिसंबर को इसको रिव्यु के लिए भेजा गया था और 10 को सुझाव मांगा गया था। अभी तक इस बिल को बिल को झारखंड, असम, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, मणिपुर और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों का समर्थन मिल चुका है।

सरकार द्वारा तैयार किए गए इस मसौदे में प्रावधान है कि किसी भी तरीके से दिया गया तीन तलाक (मौखिक हो, लिखित हो या मैसेज हो) अवैध होगा। इस मामले में आरोपी को तीन साल की सजा और जुर्माना की सजा सुनाई जा सकती है। यानि तीन तलाक देना गैर-जमानती और संज्ञेय अपराध होगा। इसमें मजिस्ट्रेट तय करेगा कि कितना जुर्माना होगा।

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