अब विदेशो में भी सुनेंगे लोग पीलीभीत की बांसुरी की धुन, कारीगरों को राहत

 

पीलीभीत में बांसुरी का कारोबार
पीलीभीत में बांसुरी का कारोबार

 

उत्तर प्रदेश: पीलीभीत की बांसुरी देश-विदेश मश्हूर हो रही है से पीलीभीत को बांसुरी नगरी के रूप में भी जाना जाता था. समय के साथ बांसुरी सरकारी उपेक्षा की शि‍कार हो गई. व्यवसाय घटने लगा. पीलीभीत में बांसुरी व्यवसायियों की संख्या भी घटकर आधी से कम रह गई. पीलीभीत के दम तोड़ते बांसुरी व्यवसाय को हरी बत्ती वर्ष 2018 में मिली जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूपी में ‘वन डिस्ट्र‍िक्ट वन प्रोडक्ट’ (ओडीओपी) योजना लॉन्च की.

बांसुरी कारीगरों के लिए ख़ुशखबरी

इसमें पीलीभीत के बांसुरी उद्योग को भी जगह दी गई.पीलीभीत में रहने वाले बांसुरी कारीगर इकरार नबी अपने परिवार की चौथी पीढ़ी के रूप में इस पुश्तैनी काम में लगे हुए हैं., ओडीओपी में शामिल होने के बाद से पीलीभीत के बांसुरी कारीगरों को बैंक से लोन लेना आसान हो गया है. इससे अब काम छोड़ चुके बांसुरी कारीगर दोबारा इस धंधे में लौटने लगे हैं.

कारीगरों में ख़ुशी की लहर

राज्‍य सरकार की ओडीओपी योजना के तहत नई उम्‍मीदों के साथ खड़े हो रहे पीलीभीत के बांसुरी उद्योग के लिए देश के साथ विदेशी बाजार जगह दी जा रही है. पीलीभीत की बांसुरी का निर्यात अमेरिकी और यूरोपीय देशों में शुरू कर दिया गया है.

ओडीओपी योजना के तहत पीलीभीत की बांसुरी को ई-कॉमर्स प्लेटफार्म पर भी जगह दी गई है. इससे बांसुरी को एक ग्लोबल मार्केट भी मिल गया है. अमेरिकी और यूरोपीय देशों में पीलीभीत की बांसुरी की मांग बढ़ने से आने वाले समय में स्‍थानीय इकाइयों को बड़ा फायदा मिलने की उम्‍मीद की जा रही है. एमएसएमई विभाग के अपर मुख्य सचिव नवनीत सहगल ने सरकार की तरफ से पीलीभीत के बांसुरी उद्योग के बारे में पूरा रिसर्च कराया है. इसी के अनुरूप कार्रवाई कराई की जा रही है.

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