अब पत्थरबाजों को मिलेगी चौतरफा चोट, CRPF की महिला कमांडो विंग तैयार

0

श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर में पत्थरबाजों पर नकेल कसने और उन्हें सबक सिखाने के लिए अब सुरक्षाबल और भी संजीदा हो गया है. इसीलिए घाटी में सुरक्षाबल ने स्पेशल कमांडो का दस्ता तैयार किया है. महिला कमांडो का ये दस्ता सुरक्षा बल के आतंकियों से निपटने के दौरान पत्थरबाजी करने वालीं महिलाओं को सबक सिखाएगा.

दरअसल, घाटी में पिछले कुछ दिनों से पुरूषों के बाद महिला पत्थरबाज भी सेना के सामने मुसीबत बनकर सामने आ रही थी, इसके चलते कश्मीर में सुरक्षा बल के मिशन में भी काफी परेशानी देखने को मिल रही थी. आतंकियों के खिलाफ अभियान के दौरान सुरक्षा बल को इनसे भी निपटना पड़ता है. लेकिन अब इनकी खैर नहीं, कश्मीर में पत्थरबाजी से निपटने के लिए सीआरपीएफ की खास फोर्स ‘सुपर 500′ मैदान में उतर गई हैं.

क्या है सुपर 500?

दरअसल, सुपर 500′ महिला कमाडों का वो खास दस्ता है, जिसे विशेष रूप से पत्थरबाजों से निपटने और उन्हें सबक सिखाने के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया है. इसके लिए इन्हें एक महीने की कड़ी ट्रेनिंग दी गई है. जिसमें महिला कमांडो को पत्थरबाजी पर लगाम लगाने के बारीक से बारीक तरकीबें सिखाई गई हैं.

घाटी में पत्थरबाजों से मुकाबला आसान नहीं होता. चारों तरफ से बरसते पत्थरों को बीच सुरक्षा बल की सबसे बड़ी परेशानी ये होती है कि उन्हें खुद को भी बचाना होता है और पत्थर बरसाते लोगों को भी. इसके लिए भी महिला कमांडो के इस खास दस्ते ‘सुपर 500’ ने खास तैयारी की है.

पत्थरबाजी के दौरान सुरक्षित रहने के लिए मिले हैं खास उपकरण

महिला कमांडो की इस टीम में शामिल हर कमांडो को पॉली कार्बोनेट से बनी शील्ड और लाठी दी गई है, जो इन्हें बरसते पत्थरों के बीच सुरक्षा देंगे. पत्थरबाजों से बचते हुए उनपर कैसे काबू किया जाए? इसके लिए टीम में शामिल हर कमांडो को पूरी तरह से तैयार किया गया है. ट्रेनिंग के दौरान इस बात का खास ख्याल रखा गया है कि इनके ऑपरेशन के दौरान पत्थरबाजों को भी नुकसान न हो और फोर्स को भी.

सुपर 500 टीम को मिली है 3 स्टेज ट्रेनिंग

पत्थरबाजों से निपटने के लिए इस महिला कमांडो टीम को थ्री स्टेज ट्रेनिंग दी गई है. ट्रेनिंग के दौरान सबसे पहले ये सिखाया गया कि पत्थरबाजी के बीच कैसे अपने आपको सुरक्षित रखा जाए, जिससे किसी तरह की चोट न लगे. इसके बाद इन्हें सिखाया गया कि पत्थर बरसा रही भीड़ पर काबू पाने के लिए क्या किया जाए. लेकिन फिर भी आतंकियों की ढाल बने पत्थरबाज अगर काबू में नहीं आते तो आखिरी में इन्हें ताकत के इस्तेमाल का तरीका सिखाया गया. इसके लिए महिला कमांडो को लाठी सेक्शन, गैस सेक्शन और आर्म सेक्शन की ट्रेनिंग दी गई.

loading...
शेयर करें