अब गाड़ी के कागजात साथ रखने का झंझट खत्म, डिजिटल लॉकर की मिलेगी सुविधा

0

अगर आप गाड़ी चलाने के शौकीन हैं पर अक्सर आप अपना ड्राइविंग लाइसेंस और गाड़ी के पेपर घर पर भूल जाते हैं तो आपके लिए खुुशखबरी है। दरअसल,  केंद्र सरकार एक खास योजना लेकर आयी है। जिसके तहत अब वाहन चालक को अपनी यात्रा के दौरान गाड़ी के असली कागज़ात और ड्राइविंग लाइसेंस साथ लेकर चलने की जरुरत नहीं पड़ेगी।

गाड़ी के असली कागजात साथ रखने का झंझट खत्म

दरअसल, केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की डिजिटल इंडिया योजना को देशभर में लागू कर दिया है। इस संबंध में मंत्रालय ने राज्य सरकारों को भी डीजी लॉकर (डिजिटल लॉकर) को लागू करने के निर्देश दिए हैं। सरकार के नये आदेश के तहत अब मालिक और चालक अपने गाड़ी के सभी कागजात डीजी लॉकर में रखकर दिखा सकते हैं। इसके लिए स्मार्ट फोन और एम-परिवहन एप जरूरी है। इस योजना से गाड़ी के असली कागजात रखने और दिखाने का झंझट खत्म हो जाएगा।

डिजिटल लॉकर में रखें अपने वाहन के कागजात

डिजिलॉकर या फिर परिवाहन मंत्रालय के एम परिवाहन ऍप पर अपनी डिटेल्स डालनी होगी। इस ऍप के इस्तेमाल से कागजात और लाइसेंस साथ लेकर घूमने की समस्या से निजात मिलेगी। केंद्र सरकार ने इस ऍप को इस्तेमाल करने के लिए सभी राज्यों को दिए निर्देश देते हुए गाडी चलाने वाले के गाड़ी पर से ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन पंजीकरण सर्टिफिकेट अपने साथ रखने की अनिवार्यता ख़त्म कर दिया है।

ऐसे करें ऐप का इस्तेमाल…

डिजिलॉकर ऐप में आप अपनी गाड़ी के सभी कागज़ात उस और लाइसेंस रख सकते हैं। इसके लिए आपको गूगल प्लेस स्टोर से ऐप को डाउनलोड करना होगा और इसमें अपना अकाउंट खोलना होगा। ऐप में आपको अपना रजिस्टर्ड मोबाइल नम्बर डालना होगा, फिर आप के रजिस्टर्ड नम्बर पर वन टाइम पासवर्ड (OTP) आ जायेगा। उसके बाद यूजरनेम और पासवर्ड सेलेक्ट करना होगा। इस प्रक्रिया को सही ढंग से पूरी करने के बाद आप अपना डॉक्यूमेंट ऐप में अपलोड कर सकते है। डिजिलॉकर की अन्य सेवाओं का लाभ उठाने के लिए आप अपना आधार नंबर भी दे सकते हैं।

निर्देश में और क्या कहा गया है?

केंद्र सरकार ने स्पष्ट कहा है कि इस ऐप में नागरिकों को इलेक्ट्रॉनिक रूप से दस्तावेज़ रखने की सुविधा है। इसमें वाहनों के नये बीमा पॉलिसी या फिर पुरानी बीमा पॉलिसी की जानकारी भी बीमा सूचना बोर्ड द्वारा दैनिक आधार पर अपलोड की जा सकती है। यह वेबसाइट परिवाहन मंत्रालय के एम परिवाहन और ई-चालान ऍप पर देख सकते है। एमपरिवहन या ई-चालान एप पर वाहन के पंजीकरण विवरण के साथ अगर बीमा का विवरण भी उपलब्ध मिलता है। इसलिए बीमा सटिर्फिकेट के भौतिक प्रति की आवश्यकता नहीं है।

अपराधिक मामलों में दस्तावेजों को जब्त नहीं करना होगा

सड़क परिवाहन मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी अपराध के मामले में ऐसे दस्तावेजों को भौतिक रूप से जब्त करने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि कानून प्रवर्तन एजेंसियां ‘ई-चालान’ प्रणाली के द्वारा इलेक्ट्रॉनिक रूप से जब्त कर सकते हैं, जो कि इलेक्ट्रॉनिक डेटाबेस में दिखेगा। साथ ही सर्टिफिकेट्स के आई-टी आधारित ऑनलाइन वेरिफिकेशन से कानून प्रवर्तन प्राधिकरण को विवरणों की सत्यता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी, जिससे बेहतर अनुपालन और प्रभावी निगरानी सुनिश्चित होगी।

loading...
शेयर करें