एनआरसी का विरोध ममता को पड़ा मंहगा, पार्टी के दो नेताओं ने दिया इस्तीफा

नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृण मूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख ममता बनर्जी को असम में नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन्स (एनआरसी) का विरोध करना महंगा पड़ गया है। असम में टीएमसी के दो नेताओं पार्टी से इस्तीफा दिया है।

मीडिया से बातचीत के दौरान टीएमसी छोड़ने वाले नेता प्रदीप पचोनी और दिगंत सैकिया ने कहा कि ममता बनर्जी ने बिना किसी जानकारी के एनआरसी की उपेक्षा की है। उन्हें एनआरसी की वास्तविक सच्चाई पता नहीं है। दिगंत सैकिया ने कहा कि ममता बनर्जी जो कह रही हैं उसका असम की जमीनी सच्चाई के साथ कुछ संबंध नहीं है।

40 लाख लोग एनआरसी में नहीं

गौरतलब हो कि विगत 30 जुलाई को असम में एनआरसी का दूसरा ड्राफ्ट प्रकाशित किया गया था। इसके तहत 2 करोड़ 89 लाख 83 हजार 677 लोगों को वैध नागरिक माना गया। जबकि करीब 40 लाख लोगों को संदिग्ध मानते हुए इस सूची में शामिल नहीं किया गया।

एनआरसी आया तो देश में छिड़ जाएगा गृहयुद्ध- ममता

असर में एनआरसी के लागू होने के बाद विपक्ष ने इसे जहां दोषपूर्ण करार दिया, वहीं ममता बनर्जी यह तक कह दिया कि, ‘हम ऐसा नहीं होने देंगे। बीजेपी लोगों को बांटने की कोशिश कर रही है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। इससे देश में गृहयुद्ध की स्थिति बन जाएगी, खूनखराबा होगा।’

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