ईरान में परमाणु वैज्ञानिक की हत्या, अंगरक्षकों और आतंकवादियों के बीच चलीं गोलियां

ईरान के शीर्ष परमाणु वैज्ञानिक की हत्या, विदेश मंत्री ने घटना का जिम्मेदार इजरायल को ठहराया

तेहरान: ईरान के शीर्ष परमाणु वैज्ञानिक मोहसीन फखरीजादेह की हत्या कर दी गयी है। ईरान के रक्षा मंत्रालय ने दी यह जानकारी। ईरान के विदेश मंत्री जावेद जरीफ ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसके लिए इजरायल को जिम्मेदार ठहराया है।

बीबीसी की रिपोर्ट

बीबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक ईरान के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि दामावंद काउंटी के अबसार्द शहर में आधुनिक हथियारों से लैस आतंकवादियों ने वरिष्ठ परमाणु वैज्ञानिक मोहसीन फखरीजादेह की कार को निशाना बनाकर हमला किया।

आतंकवादियों ने चलाई गोलियां

फखरीजादेह के अंगरक्षकों और आतंकवादियों के बीच गोलियां चलीं जिसमें दिग्गज वैज्ञानिक गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद डॉक्टरों की टीम उन्हें बचा नहीं सकी।

पश्चिमी देशों की खुफिया एजेंसी

दिग्गज परमाणु वैज्ञानिक मोहसीन फखरीजादेह ईरान के रक्षा मंत्रालय के अनुसंधान एवं नवाचार केन्द्र के प्रमुख थे। पश्चिमी देशों की खुफिया एजेंसियों के मुताबिक फखरीजादेह गुप्त रूप से चलाए जा रहे ईरान के परमाणु हथियार कार्यक्रम का नेतृत्व कर रहे थे।

पश्चिमी देशों की खुफिया एजेंसियों

ईरान ने हालांकि हमेशा से यह दावा किया है कि उसका परमाणु हथियार कार्यक्रम शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है। फखरीजादेह की हत्या ऐसे समय में हुई है जब ईरान के परमाणु कार्यक्रम के तहत यूरेनियम संवर्धन को लेकर चिंता जताई जा रही है।

घटना की कड़ी निंदा

ईरान के विदेश मंत्री जावेद जरीफ ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसके लिए इजरायल को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने ट्वीट कर कहा, “आतंकवादियों ने आज ईरान के एक शीर्ष वैज्ञानिक की हत्या कर दी है। यह एक कायरतापूर्ण कार्रवाई है, जिसमें इजरायल के हाथ होने के संकेत हैं, यह हत्यारों के युद्ध की वकालत करने के इरादे को दर्शाता है।”

विदेश मंत्री जावेद जरीफ का बयान

जरीफ ने कहा, “ ईरान अंतरराष्ट्रीय समुदायों, विशेष रूप से यूरोपीय संघ से अपील करता है कि वो अपने शर्मनाक दोहरे रवैये को ख़त्म करके इस आतंकवादी हमले की निंदा करें।” ईरानी सेना के इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने कहा है कि ईरान अपने वैज्ञानिक की हत्या का प्रतिशोध अवश्य लेगा। इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के मेजर जनरल हुसैन सलामी ने कहा, “परमाणु वैज्ञानिकों की हत्या करके हमें आधुनिक विज्ञान तक पहुंचने से रोकने की स्पष्ट कोशिश की जा रही हैं।”

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