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नक्सली हमले में शहीद जवानों की संख्या 22 से बढ़कर 24 हुईं, कई जवान लापता, PM मोदी ने जताया दुख

पुलिस सूत्रों ने मुठभेड़ के बाद आज प्राप्त सूचनाओं के हवाले से कहा कि 24 जवान शहीद हुए हैं। वहीं 31 जवानों के घायल होने की पुष्टि हुयी है, जिनमें से लगभग एक दर्जन को इलाज के लिए राजधानी रायपुर भेज दिया गया है।

रायपुर: छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में पुलिस और नक्सलियों के बीच शनिवार को लगभग चार घंटे चली मुठभेड़ के एक दिन बाद आज दिन में शहीद जवानों की संख्या पांच से बढ़कर 24 हो गयी और 31 जवान घायल हैं। पुलिस सूत्रों ने मुठभेड़ के बाद आज प्राप्त सूचनाओं के हवाले से कहा कि 24 जवान शहीद हुए हैं। वहीं 31 जवानों के घायल होने की पुष्टि हुयी है, जिनमें से लगभग एक दर्जन को इलाज के लिए राजधानी रायपुर भेज दिया गया है। इस घटना के बाद प्रधानमंत्री मोदी और ग्रह मंत्री अमित शाह ने गहरा दुख जताया है।

गृह मंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री से कहा

इस घटना पर गृह मंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री से कहा कि केंद्र सरकार और राज्य सरकार मिलकर नक्सली हिंसा की लड़ाई को अवश्य जीतेंगे और केंद्र सरकार की तरफ से जो भी आवश्यक मदद होगी वो राज्य सरकार को दी जायेगी। इस पर प्रधानमंत्री मोदी ने भी गहरा दुःख ज़ाहिर किया है।

शेष का इलाज यहीं पर अस्पताल में चल रहा है। घायल जवानों में भी कुछ ही हालत काफी गंभीर बनी हुयी है। पुलिस का मानना है कि कुछ नक्सलियों के भी मारे जाने की आशंका है, जिनके शव नक्सलियों के कब्जे में ही हैं। प्राप्त सूचनाओं के अनुसार जंगल में पहाड़ियों से घिरे इलाके में सैकड़ों की संख्या में नक्सलियों ने पुलिस के संयुक्त गश्ती दल पर हमला किया। गश्ती दल में भी सैकड़ों जवान शामिल थे। बताया गया है कि नक्सली पहाड़ियों पर से हमला कर रहे थे। इस बीच आज और अधिक संख्या में पुलिस बल घटनास्थल की ओर रवाना किया गया है।

देर रात तक पांच जवानों के शहीद होने की पुष्टि

सूत्रों का कहना है कि मुठभेड़ स्थल यहां से लगभग 75 किलोमीटर दूर है। मुठभेड़ कल दिन में लगभग दो बजे प्रारंभ हुयी थी और जो देर शाम तक चली। पहाड़ियों से घिरे सघन वन इलाके में कल देर रात तक पांच जवानों के शहीद होने की पुष्टि वरिष्ठ अधिकारियों ने की थी। घायलों में से 12 जवानों को कल देर शाम ही हेलीकॉप्टर से रायपुर भेज दिया गया था।
पुलिस का कहना है कि यह मुठभेड़ बीजापुर जिले में सुकमा जिले की सीमा पर तररेम इलाके के जंगलों में हुयी। बताया गया है कि यहां पर कुछ दिनों से नक्सलियों और उनके नेताओं के एकत्रित होने की सूचना पर गश्ती दल भेजा गया था।

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