खतरे में पड़ी मानवजाति, 40 सालों में पुरुषों में आधी हुई शुक्राणुओँ की संख्या

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नई दिल्ली। हाल ही में वैज्ञानिकों ने मानव जाती को लेकर एक चौक देने वाला खुलासा किया है जिसे जानकार आप भी हैरान रह जायेंगे। दरअसल, रिसर्चर ने लगभग 200 अध्ययनों के बाद ये बात सामने आई है कि पुरषों में स्पर्म काउंट (शुक्राणुओँ की संख्या) बहुत तेजी से गिर रही है। अगर ऐसा ही रहा तो एक समय ऐसा आएगा जब पुरुष का जिंदा रहना भी मुश्किल हो जायेगा।

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शुक्राणुओँ की संख्या

बता दें, रिसर्चर ने बताया कि उत्तर अमरीका, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड में रहने वाले पुरुषों में बीते 40 सालों में स्पर्म यानी शुक्राणुओं की संख्या बहुत तेजी से गिर रही है। ऐसा कह सकते हैं कि ये संख्या लगभग आधी रह गयी है। हालांकि ह्यूमन रिप्रोडक्शन की इस रिपोर्ट को कुछ विशेषज्ञ गलत भी बता रहे हैं।

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लेकिन, रिसर्च करने वाली टीम के हेड डॉक्टर हगाई लेविन का कहना है कि वो इस रिसर्च के आये हुए नतीजों को लेकर काफी परेशान हैं। उनका ये भी मानना है कि आने वाले समय में ये पॉसिबल हो सकता है। रिसर्च के नतीजों का मूल्यांकन पैमाने के लिहाज से अब तक का सबसे बड़ा है। इसमें 1973 से 2011 के बीच किए गए 185 अध्ययनों के नतीजों को शामिल किया गया है।

शुक्राणुओँ की संख्या

डॉक्टर हगाई लेविन ने ये भी बताया कि पुरुषों में स्पर्म गिरने का ये सिलसिला अगर ऐसे ही जारी रहा तो एक दिन मानव जाति ही विलुप्त हो जाएगी। इतना ही नहीं अगर हमने अपने जीने के तरीके को नहीं बदला तो आने वाले समय में क्या होगा इसकी मुझे अभी से चिंता रहती है।

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हालांकि उनकी इस रिसर्च की क्वॉलिटी की उन वैज्ञानिकों ने भी जमकर तारीफ की है जो इससे जुड़ें हुए नहीं हैं। लेकिन उनका ये भी कहना है कि इस तरीके के नतीजों पर पहुंचना काफी जल्दबाजी भरा होगा। फ़िलहाल डॉक्टर लेविन का रिसर्च उत्तरी अमरीका, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड के पुरुषों पर फोकस है जबकि दक्षिण अमरीका, एशिया और अफ्रीका में रहने वाले पुरुषों के स्पर्म में ऐसी कोई गिरावट नहीं देखी गयी है।

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