अमिताभ के बाद अब नूतन ठाकुर फंसीं नई मुश्किल में

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लखनऊ। दो आरटीआई कार्यकर्ताओं की आपसी अदालती कार्यवाही का मामला शनिवार को राजधानी में चर्चा का विषय बना रहा। आरटीआई एक्टिविस्ट उर्वशी शर्मा ने शनिवार को उत्तर प्रदेश के निलंबित आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर की पत्नी नूतन ठाकुर के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया है। उर्वशी ने लखनऊ की जुडिशिअल मजिस्ट्रेट दुर्गेश नंदिनी के समक्ष यह शिकायत दर्ज कराई है। इस मामले में उर्वशी का बयान मंगलवार को दर्ज होगा।

उर्वशी ने नूतन पर आईपीसी की धारा 499, 500, 501 और 502 के तहत मानहानि करने वाला अपराध बताते हुए कार्यवाही की प्रार्थना की है। लखनऊ स्थित सामाजिक संगठन ऐश्वर्याज सेवा संस्थान की सचिव उर्वशी ने इससे पहले हाईकोर्ट के अधिवक्ता त्रिभुवन कुमार गुप्ता के माध्यम से कानूनी नोटिस भेजकर नूतन पर उनकी संस्था ऐश्वर्याज की मानहानि करने का आरोप लगाया था।

उर्वशी ने बताया कि उन्होंने बीते पांच नवम्बर को संस्था की सचिव की हैसियत से हाईकोर्ट इलाहाबाद की लखनऊ खंडपीठ में एक जनहित याचिका दायर कर न्यायालय से उप्र के निलंबित आईपीएस अमिताभ ठाकुर और उनकी पत्नी नूतन ठाकुर के विरुद्ध लंबित रेप और धोखाधड़ी की जांच कर कार्रवाई की अपील की थी।

अमिताभ ठाकुर के विरुद्ध भ्रष्टाचार की एफआईआर की त्वरित विवेचना कराने के साथ-साथ लोकायुक्त द्वारा अमिताभ ठाकुर के विरुद्ध की गयी जांच की अनुशंषाओं पर त्वरित कार्यवाही के लिए उत्तर प्रदेश सरकार को निर्देश देने का आग्रह भी किया था। आरटीआई कार्यकर्ता उर्वशी ने बताया कि इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने बीते 16 नवम्बर को ऐश्वर्याज की इस पीआइएल में किसी भी प्रकार का जनहित का मुद्दा नहीं बताते हुए इसे खारिज कर दिया था।

मंत्री के इशारे पर ऐसा करने को किया खारिज

उर्वशी के मुताबिक पीआईएल खारिज होने के बाद नूतन ठाकुर ने समाचार पत्रों के माध्यम से उन पर और उनकी संस्था ऐश्वर्याज पर यह जनहित याचिका उप्र के खनन मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति के इशारों पर दायर किये जाने का गलत और झूठा और आधारहीन आरोप लगाया था। उर्वशी ने बताया कि ऐश्वर्याज ने 2011-12 में पंजीकरण के बाद से आज तक किसी भी सरकारी या प्राइवेट संस्थान से किसी भी प्रकार की कोई भी मदद नहीं ली है।

संस्‍था पर नूतन ठाकुर ने लगाया था मंत्री से मदद का आरोप

नूतन ठाकुर द्वारा उनकी संस्था पर प्रदेश के खनन मंत्री से मदद का आरोप लगाने से उनकी व उनके सामाजिक संगठन की मानहानि हुई है। उर्वशी के अधिवक्ता त्रिभुवन कुमार गुप्ता ने बताया कि नूतन ठाकुर की तरफ से कोई जबाब न आने पर आज उन्होंने वादिनी उर्वशी की ओर से यह मुकदमा न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया था जिसे न्यायालय ने स्वीकार कर लिया है।

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