मोदी सरकार का बड़ा फैसला, अब ओबीसी कैटगरी के लिए सरकारी नौकरी पाना हुआ आसान

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नई दिल्ली: दलितों और मुस्लिमों के बाद अब केंद्र की सत्तारूढ़ मोदी सरकार ने ओबीसी कैटेगरी के लोगों को भी एक बड़ा तोहफा दिया है। दरअसल, केंद्र सरकार ने वर्ष 2013 के बाद अब ओबीसी आरक्षण को लेकर एक ऐसा फैसला लिया है जिससे इस कैटगरी के लोगों को सरकारी नौकरी पाने में सुविधा होगी। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने ऐलान करते हुए बताया है कि ओबीसी आरक्षण में क्रीमी लेयर की सीमा बढाते हुए छह लाख से आठ लाख कर दी गई है।

क्रीमी लेयर का आशय आमदनी की उस सीमा से है जो परिवार की आय हो। इसका अर्थ यह है कि नौकरी में जो आरक्षण अभी तक छह लाख की वार्षिक आय वाले परिवार को नहीं मिलता था वह अब उन्हें मिलेगा। सरकार ने यह सीमा बढ़ाकर आठ लाख कर दी है।  सरकारी नौकरियों में अभी ओबीसी आरक्षण 27 प्रतिशत है। यह आरक्षण अभी तक उन्हीं परिवारों को मिलता था जिनकी वार्षिक 6 लाख रुपये से कम हो।

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केवल इतना ही नहीं, अरुण जेटली ने यह भी बताया है कि केंद्र सरकार ने ओबीसी के तहत एक सबकैटगरी बनाने का भी निर्णय लिया गया है। इसके लिए एक आयोग का गठन भी किया जाएगा। अह आयोग सुनिश्चित करेगी कि आरक्षण का फ़ायदा जरूरतमंद लोगों को ही मिले। यह आयोग गठित होने के 12 सप्ताह में रिपोर्ट देगा।

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वित्त मंत्री ने कहा कि इस बारे में साल 2011 में राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग ने सिफारिश की थी। इस प्रकार की सबकैटगरी बनायी जाए। इसी प्रकार की सिफारिश पार्लियामेंट की स्टैंडिंग कमेटी ने भी साल 2012-13 में की थी। मंत्री परिषद में चर्चा के बाद इसको स्वीकार किया गया। ओबीसी की सूची में सब-कैटिगरी बनाने की दिशा में एक आयोग का गठन करने के लिए राष्ट्रपति के पास सिफारिश भेजी गई है।

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