मेधज टॉवर में एक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यशाला का आयोजन, बीमारियों की जननी है मोटापा: डा. निर्मल गुप्ता 

लखनऊ: मेधज संस्था के आशियाना कानपुर रोड स्थित मेधज टॉवर में एक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें संजय गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान के हृदय रोग विभाग के अध्यक्ष डा. निर्मल गुप्ता ने उपस्थित लोगों को स्वास्थ्य संबंधी कई उपयोगी जानकारी प्रदान की।

कार्यशाला को संबोधित करते हुए डा. निर्मल गुप्ता ने कहा कि मोटापा, डायबिटीज सहित अन्य  तमाम रोगों की जननी है एवं चीनी व नमक शरीर के लिए जहर। इस बात को विस्तार से बताते हुए उन्होंने कहा कि खाने वाली लगभग सभी चीजों में चीनी होती है जो खाते ही इंसुलिन पैदा करती है जिससे ग्रेलिन व लेप्टिन लेबल में बढ़ोत्तरी होती है जो हमारी खाने की इच्छा को और बढ़ाता है।

डा. निर्मल गुप्ता ने फास्टिंग थ्योरी का वर्णन करते हुए कहा कि पूर्व में हमारे संत महात्मा  एवं हमारे पूर्वज व्रत व तप के द्वारा निरोग रहते हुए लंबा जीवन जीते थे। उन्होंने कहा कि हमारा पूरा शरीर कोशिकाओं (सेल्स) से बना है।  नए कोशिकाओं का निर्माण व पुरानी कोशिकाओं का पतन भी होता है, ऐसे में हमारी जो कोशिकाएं टूट-फूट जाती है वो हमारे शरीर के अंदर कचरे के रूप में मौजूद रहती है और यदि वो निकल नहीं पातीं तो रोगों को जन्म देती हैं।
जब हमारे शरीर को भूख लगती है और यदि हम उसे बाहर से भोजन न दें तो शरीर का तंत्र उन मरी हुई कचरा कोशिकाओं को खाना शुरू कर देता है जिससे शरीर के रोगी होने की संभावना या तो खत्म हो जाती है या क्षीण हो जाती है।

डा. निर्मल गुप्ता ने कहा कि आज हमारा देश डिमेंशिया या अल्जाजइमर जैसी बीमारियों में विश्व में दूसरे स्थान पर है जिसका कारण हमारी खराब जीवन शैली है। नोबल प्राइज विनर जापान के ओशानोरी ओशुसी की फॅास्टिंग थियरी को उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि लगातार खाना हमारी सबसे बड़ी समस्या है और उस पर फॉस्टं व जंक फूड, कोल्डी ड्रिंक्सं आदि हमारे शरीर को रोगों का घर बना रही हैं।

फाइबर युक्त खाने की सलाह देते हुए उन्होंने कहा कि जो भी चीज प्रोसेस होकर खायी जाती है वह बिना प्रोसेस वाले खाद्य पदार्थ की तुलना में नुकसानदायक होती है। उन्होंने सप्ताह में दो दिन व्रत रखने पर जोर देते हुए कहा कि मैं स्वयं ऐसा ही करता हूं तभी आपको सलाह दे रहा हूं।

शरीर को स्वस्थ  व निरोगी रखने के लिए हाईइंटेनसिटी इंटरवल ट्रेनिंग की जानकारी देते हुए डा. निर्मल गुप्ता ने कहा कि आप रोज दस मिनट अपने शरीर को दें और उसमें भी 30 सेकेंड तक कोई भी एक्सरसाइज जैसे ट्रेडमिल, दौड़ना, टहलना, डां‍सिंग, रस्सीड कूदना आदि कुछ भी हाईइंटेनसिटी से करें और फिर तीन मिनट तक शरीर को आराम दें।

कार्यशाला को डा. निर्मल गुप्ता के साथ आए डा. नृपेंद्र पाण्डेय ने भी संबोधित किया व स्वामस्या  संबंधी उपयोगी जानकारी लोगों से साझा की।

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