24 Oct डॉ अनिल द्वारा लिखित ओसियन एंड एनवायर्नमेंटल सस्टेनेबिलिटी का विमोचन

संयुक्त राष्ट्र दिवस के मौक़े पर बस्ती निवासी विज्ञान लेखक व पर्यावरणविद डॉ अनिल प्रताप सिंह प्रणीत द्विभाषी पुष्तक पुस्तक,'ओसियन एंड एनवायर्नमेंटल सस्टेनेबिलिटी' का ऑनलाइन विमोचन दिनांक 24 अक्टूबर को प्रस्तावित है

बस्ती: संयुक्त राष्ट्र दिवस के मौक़े पर बस्ती निवासी विज्ञान लेखक व पर्यावरणविद डॉ अनिल प्रताप सिंह प्रणीत द्विभाषी पुष्तक पुस्तक,’ओसियन एंड एनवायर्नमेंटल सस्टेनेबिलिटी’ का ऑनलाइन विमोचन दिनांक 24 अक्टूबर को प्रस्तावित है ‘सतत विकास हेतु महासागर विज्ञान (2021 – 2030 )’ के अंतर्गत संयुक्त राष्ट्र महासभा के निर्णयानुसार अंग्रेजी एवं हिंदी भाषा में पुस्तक का प्रकाशन मेधा बुक्स दिल्ली द्वारा किया गया है इसका ऑफलाइन विमोचन इसके उपरांत नियत होगा।

जाने कैसा जुड़ाव हैं प्रकृति से डॉ.अनिल का

डॉ. अनिल प्रताप सिंह मूलतः प्रकृति के समग्र चितेरे हैं। उनके अतिसंवेदनशील हृदय में प्रकृति के समस्त रूपों के प्रति एक विशेष प्रकार की धड़कन है जो उन्हे पर्यावरण संबंधी तमाम पहलुओं की तह में ले जाती है। मगर पर्यावरणीय विभिन्न मुद्दों पर उनकी समझ केवल संवेदना के स्तर पर ही नहीं है, वे उसे कठोर वैज्ञानिक सिद्धांतों की कसौटी पर कसते हैं, सान पर चढ़ा कर धारदार बनाते हैं। इसीलिय डॉ. सिंह की रचनाओं में हमें ये दुर्लभ संयोग देखने को मिलता है। वे तर्क और भाव, दोनों तलों पर पाठक को प्रभावित करते हैं। उनके वैज्ञानिक लेखन की यह विशेषता नायाब है जो बिरले ही लेखकों में मिलती है। वे जिस भी विषय पर लिखते हैं उनके सरोकार और चिंतायें मौलिक होती हैं और उनमें धरातल से जुड़े होने का बोध निरंतर बना रहता है।

 

यह भी पढ़ें: ‘भारत को उनकी बहादुरी पर गर्व’, शाह ने शहीद जम्मू-कश्मीर के सिपाही परवेज अहमद को दी श्रद्धांजलि

Related Articles