#OddEvenFormula में आज ईवन गाड़ियों का दिन

India Air Pollutionनई दिल्‍ली नए साल के आगाज के साथ देश की राजधानी दिल्ली में ऑड ईवन कार नंबर स्कीम का एक नया प्रयोग शुरू हुआ। कल ऑड गाड़ियां सड़कों पर थी तो आज इवन नंबर की गाड़ियां दिखाई देंगी। कल पहले दिन दिल्ली में 117 चालान हुए थे।

#OddEvenFormula का यह प्रयोग बढ़ते वायु प्रदूषण से शहर को बचाने के लिए हो रहा है। कल छुट्टी होने की वजह से कम ही गाड़ियां दिल्ली में दिखी लेकिन जिस मकसद से ये किया गया वो फिलहाल पहले दिन अधूरा ही दिखा। केजरीवाल सरकार की ऑड-इवन योजना के तहत सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक सड़कों पर केवल ऑड नंबर वाली गाड़ियां ही चलीं।

15 जनवरी तक रहेगी लागू

दिल्ली की आम आदमी पार्टी की सरकार ने दावा किया कि इस अनोखी पहल को बड़े पैमाने पर लोगों का साथ मिला है। सुबह आठ बजते ही निजी कारों को चलाने पर लगाई गई बंदिश प्रभावी हो गई। हजारों की तादाद में यातायात पुलिसकर्मी और सरकारी कर्मियों ने स्वयंसेवकों की सहायता से पूरे शहर में योजना को लागू कराया। यह योजना 15 जनवरी तक लागू रहेगी। ऐसी उम्मीद थी कि 31 दिसंबर के मुकाबले 1 जनवरी को प्रदूषण का स्तर कम होगा। लेकिन दिल्ली पॉल्यूशन कंट्रोल कमेटी ने जो आंकड़े जारी किए उससे ऐसा नहीं लगता।

31 दिसंबर के मुकाबले 1 जनवरी को ज्‍यादा प्रदूषण

दिल्ली के आनंद विहार में 31 दिसंबर को दोपहर 4 बजे हवा में प्रदूषण का स्तर 395 था वहीं 1 जनवरी को ये 475 था। 31 दिसंबर को 5 बजे स्तर 484 था वहीं 1 जनवरी को ये स्तर 722 था। दक्षिणी दिल्ली के आरकेपुरम में भी हाल बुरा था। 31 दिसंबर को शाम को 4 बजे प्रदूषण का स्तर 189 था तो 1 जनवरी को ये 537 था। 5 बजे कल ये 213 था जो 1 जनवरी को ये 489 था।

क्‍या कहना है या‍त्रि‍यों का

एक यात्री वनजा एस. ने कहा कि मैंने काम के लिए द्वारका जाने के लिए अपने दो सहयोगियों के साथ ऑटो साझा किया। मैं यह देख कर हैरान था कि दिल्ली की सड़कें यातायात मुक्त थीं। उन्होंने कहा कि कई लोग वाहन साझा कर कार्यालय आने के लिए उत्साहित हैं, भले ही ऐसा सिर्फ 15 दिनों तक ही क्यों न हो।

ये है योजना

इस योजना के तहत, जिन गाड़ियों का पंजीकरण नंबर सम संख्या में है वे सम संख्या वाली तारीखों को चलाई जा सकेंगी। जबकि विषम संख्या वाले पंजीकरण नंबरों वाली गाड़ियां सिर्फ विषम संख्या वाली तारीखों को ही चलाई जा सकेंगी। सुबह आठ बजे से रात आठ बजे तक इस नियम का पालन करना होगा। योजना का उल्लंघन करने वालों पर 2,000 रूपए का जुर्माना लगेगा।

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