डेल्टा से भी तेज फैलता है ओमिक्रॉन, नई स्टडी में चौंकाने वाला खुलासा

ओमिक्रॉन ने दुनिया भर के वैज्ञानिकों को चिंता में डाला

एक ओर जहां देश में लगातार ओमिक्रॉन के केस बढ़ते जा रहे है. वहीं दूसरी ओर शोधकर्ता कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के बारे में दिन-रात एक कर ज्यादा से ज्यादा जानकारी जुटाने की कोशिश कर रहे हैं. स्टडी के जरिए इस वैरिएंट के बारे में नई-नई बातें निकल कर सामने आ रही हैं. अब इस वैरिएंट पर हांगकांग यूनिवर्सिटी की एक नई स्टडी आई है. इस स्टडी के निष्कर्ष ओमिक्रॉन को लेकर चिंता बढ़ाने वाले हैं. हालांकि, एक राहत की बात ये है कि इस नए वैरिएंट से लोग बहुत गंभीर रूप से बीमार नहीं पड़ रहे हैं. दक्षिण अफ्रीका के डॉक्टर्स से मिले डेटा पर की गई इस स्टडी के अनुसार, ओमिक्रॉन वैरिएंट डेल्टा और मूल Covid-19 स्ट्रेन की तुलना में लगभग 70 गुना तेजी से संक्रमित करता है, हालांकि, बीमारी की गंभीरता बहुत कम होने की संभावना है.

श्वसन तंत्र में तेज गति से फैलता है ओमिक्रॉन

स्टडी में पाया गया कि संक्रमण के 24 घंटे बाद ओमिक्रॉन श्वसन तंत्र में बहुत तेज गति से फैलता है. शोधकर्ताओं की टीम का कहना है कि अपने मूल रूप की तुलना में कोरोना का नया वैरिएंट ओमिक्रॉन फेफड़ों के ऊतकों में 10 गुना कम प्रतिकृति बनाता है, जो संकेत देता है कि ये ‘कम गंभीर’ है. वैज्ञानिक अभी भी इसकी संक्रामकता की दर पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं. दक्षिणी अफ्रीका में पहली बार पाए जाने के तीन सप्ताह के भीतर ही ये वैरिएंट कम से कम 77 देशों में फैल चुका है.

WHO ने दी ये चेतावनी

ओमिक्रॉन के शुरुआती डेटा से पता चलता है कि ज्यादा मरीजों को ऑक्सीजन या ICU में भर्ती होने की जरूरत नहीं पड़ रही है. कुछ लोगों में री-इंफेक्शन के मामले भी पाए जा रहे हैं जो कि ज्यादा गंभीर नहीं हैं. हालांकि कई हेल्थ एक्सपर्ट्स और WHO ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं और भीड़ वाली जगहों से दूर रहने, सही तरीके से मास्क लगाने और सफाई का पूरा ख्याल रखने को कह रह हैं.

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