31 जनवरी को भारतीय नौसेना में शामिल होगी ‘करंज’, चीन-पाकिस्तान में मची खलबली

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नई दिल्ली। समुंदर में अपना दबदबा कायम करने के लिए भारतीय नौसेना को एक और हथियार मिल गया है। स्कॉर्पीन श्रेणी की तीसरी पनडुब्बी करंज 31 जनवरी को इंडियन नेवी में शामिल की जाएगी। पनडुब्बी की लांचिंग के मौके पर नौसेना प्रमुख सुनील लांबा मौजूद रहेंगे।

इस शक्तिशाली पनडुब्बी का निर्माण मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड द्वारा किया गया है। जिसे मेक इन इंडिया का एक उम्दा उदाहरण माना जा रहा है। हर तरह के परीक्षणों पर खरा उतरने के बाद इसे भारतीय नौसेना में शामिल किया जा रहा है। विशेष सुविधाओं से लैस इस पुनडुब्बी की ताकतों को देखते हुए चीन व पाकिस्तान में खलबली मच गई है।

जानिए क्या हैं करंज की खासियतें

करंज आधुनिक फीचर्स से लैस है जो दुश्मन की नजरों से बचकर सटीक निशाना लगा सकती है। इसके साथ ही टौरपीडो और एंटी शिप मिसाइलों से हमले भी कर सकती है। इससे पानी के अंदर भी हमला किया जा सकता है। साथ ही सतह पर पानी के अंदर से दुश्मरन पर हमला करने की खासियत भी इसमें है।

इस पनडुब्बी को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि इसे किसी भी तरह की जंग में ऑपरेट किया जा सकता है। यह पनडुब्बी हर तरह के वॉरफेयर, एंटी-सबमरीन वॉरफेयर और इंटेलिजेंस को एकत्रित करने जैसे कामों को भी बखूबी अंजाम दे सकती है।

इससे पहले स्कार्पीन श्रेणी की दो पनडुब्बियां लांच हो चुकी हैं

करंज स्कार्पीन श्रेणी की तीसरी पुनडुब्बी है। इससे पहले कलवरी व खांदेरी नाम की दो पनडुब्बियां लांच हो चुकी हैं। पहली स्कॉर्पीन श्रेणी की पनडुब्बी आईएनएस कलवरी को 14 दिसंबर 2017 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश के नाम समर्पित किया था। कलवरी में पिछली डीजल-इलेक्ट्रिक पनडुब्बियों की तुलना में बेहतर छुपने वाली प्रौद्योगिकी है। स्कॉर्पीन श्रेणी की दूसरी पनडुब्बी खांदेरी 12 जनवरी 2019 को लॉन्च की गई थी।

भारतीय नौसेना के प्रोजेक्ट 75 के तहत बनाई जा रही हैं ये पनडुब्बियां

फ्रांस की रक्षा व ऊर्जा कंपनी डीसीएनएस द्वारा डिजाइन की गईं पनडुब्बियां भारतीय नौसेना के प्रोजेक्ट-75 के तहत बनाई जा रही हैं। इस प्रोजेक्ट के तहत भारत अगली पीढ़ी की स्वदेशी पनडुब्बियों का निर्माण करेगा। पाकिस्तान और चीन की बढ़ती गुस्ताखियों के चलते भारतीय रक्षा मंत्रालय से इंडियन नेवी को 6 अत्याधुनिक पनडुब्बियों की मंजूरी दी गई थी।

चीन के पास पहले से ही 56 तथा पाकिस्तान के पास चार से पांच पनडुब्बियां हैं। पाकिस्तान अपनी नौसेना को मजबूत करने के लिए रेडार की पकड़ में न आने वाली आठ पनडुब्बियां चीन से खरीद रहा है। इन बातों को मद्देनजर रखते हुए भारत की इन सभी पनडुब्बियों को 2020 तक भारतीय नौसेना में शामिल करने की योजना है। पनडुब्बियों के इस प्रोजेक्ट की कीमत करीब 23 हजार करोड़ रुपए बताई जा रही है।

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