23 मई को इन 10 महत्वपूर्ण सीटों पर रहेगी पूरे देश की नजर, दिग्गजों की साख है दांव पर

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लोकसभा चुनाव 2019 (Lok Sabha Elections 2019) की जंग का सरताज कौन होगा इसका फैसला गुरुवार 23 मई को हो जाएगा. हर किसी को चुनाव नतीजों का बेसब्री से इंतजार है. बीजेपी और कांग्रेस में कड़ी जंग है. बीजेपी जहां एक बार फिर अपने दम पर पूर्ण बहुमत हासिल कर सत्ता पर बनी रहना चाहती है तो वहीं कांग्रेस सभी विरोधियों को साथ लेकर बीजेपी को बाहर का रास्ता दिखाना चाहती है.

रविवार को जारी हुए एग्जिट पोल में बीजेपी आगे दिख रही है. हालंकि भावी सरकार किसकी बनेगी यह नतीजों के बाद ही साफ होगा. हम आपको बताते हैं उन VIP सीटों के बारे में जहां से पार्टी के दिग्गज मैदान में उतरे हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वाराणसी सीट के साथ-साथ राहुल गांधी- स्मृति ईरानी की अमेठी, शत्रुघ्न सिन्हा- रवि शंकर प्रसाद की पटना साहिब, गिरिराज सिंह- कन्हैया कुमार की बेगुसराय जैसी 10 सबसे अहम सीटों में बारे में बताने जा रहे हैं.

वाराणसी (प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी)

वाराणसी लोकसभा सीट पर साल 1991 से लगातार आम चुनावों में बीजेपी को जीत मिलती आ रही है. इस बार वाराणसी लोकसभा सीट से 26 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं. यहां से देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दूसरी बार चुनाव लड़ रहे है. उन्हें इस बार कांग्रेस के अजय राय से चुनौती म‍िल रही है. एसपी-बीएसपी गठबंधन की तरफ से समाजवादी पार्टी की शाल‍िनी यादव भी चुनाव मैदान में हैं. इस सीट पर एक पूर्व फौजी तेज बहादुर भी समाजवादी पार्टी के ट‍िकट से खड़े हुए थे लेक‍िन उनका नामांकन रद्द हो गया.

अमेठी (राहुल गांधी vs स्मृति ईरानी)

कांग्रेस का दुर्ग कहे जाने वाले उत्तर प्रदेश की अमेठी लोकसभा सीट चर्चित सीटों में से एक है. राहुल गांधी पर इस गढ़ को बरकरार रखने की चुनौती है. उन्हें टक्कर देने के लिए जहां बीजेपी ने एक बार फिर यहां से स्मृति ईरानी को मैदान में उतारा है तो वहीं एसपी-बीएसपी गठबंधन ने अपना कोई उम्मीदवार नहीं उतारा है.

एग्जिट पोल के मुताबिक अमेठी में केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को कड़ी टक्कर दे रही हैं. यहां दोनों के बीच कांटे की टक्कर है और राहुल गांधी की जीत स्पष्ट नहीं हैं. साल 2014 के लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी इस सीट से लगातार तीसरी बार सांसद चुने गए. अमेठी में 6 मई को मतदान हुआ था.

पटना साहिब (शत्रुघ्न सिन्हा vs रविशंकर प्रसाद)

पटना साहिब में बीजेपी और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला है. एक तरफ शत्रुघ्न सिन्हा और रविशंकर प्रसाद की किस्मत दांव पर है. बिहार की पटना साहिब सीट को शत्रुघ्न सिन्हा का गढ़ माना जाता है. लेकिन, चुनाव से पहले BJP से टिकट कटने पर सिन्हा कांग्रेस में शामिल हो गए और इसी के साथ अब यहां के समीकरण भी बदलते नजर आ रहे हैं.

एग्जिट पोल की मानें तो यहां से शत्रुघ्न सिन्हा हार रहे हैं और BJP के रवि शंकर प्रसाद की जीत होती दिखाई दे रही है. हालांकि, नतीजे आने अभी बाकी हैं.

बेगूसराय (गिरिराज सिंह vs कन्हैया कुमार)

बेगूसराय सीट का मुकाबला जेएनयू के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार के मैदान में उतरने से काफी रोमांचक हो गया है. बेगूसराय में इसबार त्रिकोणीय मुकाबला है. यहां बीजेपी के गिरिराज सिंह, सीपीआई के कन्हैया कुमार और आरजेडी के तनवीर हसन चुनाव मैदान में हैं. एग्जिट पोल के मुताबिक बेगूसराय में गिरिराज सिंह कन्हैया कुमार और तनवीर हसन पर भारी पड़ते दिखाई दे रहे हैं.

साल 2014 लोकसभा चुनाव की बात करें तो यहां बीजेपी के भोला सिंह ने 4 लाख 28 हजार 227 मतों के साथ जीत दर्ज की थी. इस चुनाव में उनके निकटम प्रतिद्वंद्वी रहे आरजेडी के तनवीर हसन को 3 लाख 69 हजार 892 वोट मिले थे.

पूर्वी दिल्ली ( गौतम गंभीर vs आतिशी मार्लेना vs अरविंदर सिंह लवली)

पूर्वी दिल्ली लोकसभा सीट पर क्रिकेटर से नेता बने गौतम गंभीर आम आदमी पार्टी की आतिशी मार्लेना और अरविंदर सिंह लवली के बीच कड़ा मुकाबला है. लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान पूर्वी दिल्ली की ये सीट लगातार खबरों में रही थी. एग्जिट पोल के अनुसार इस सीट पर गौतम गंभीर AAP की आतिशी मार्लेना पर भारी पड़ते नजर आ रहे हैं.

पिछले लोकसभा चुनाव में यहां बीजेपी के महेश गिरी ने चुनाव जीता था. उन्होंने आम आदमी पार्टी के राजमोहन गांधी को 2 लाख से ज्यादा वोटों से मात दी थी.

लखनऊ (राजनाथ सिंह vs पूनम सिन्हा)

उत्तर प्रदेश की लखनऊ लोकसभा सीट राजनीतिक उद्देश्य से काफी महत्वपूर्ण मानी जाती है, जहां से देश के कई शीर्ष नेता संसद पहुंचते रहे हैं. इस सीट से वर्तमान में सांसद देश के गृहमंत्री राजनाथ सिंह हैं. इस आम चुनाव में भी यहां से राजनाथ सिंह मैदान में हैं. उनसे मुकाबले को कांग्रेस ने संत प्रमोद कृष्णम् और एसपी ने शुत्रुध्न सिन्हा की पत्नी पूर्व एक्ट्रेस पूनम सिन्हा को उतारा है.

भोपाल (साध्वी प्रज्ञा vs दिग्विजय सिंह)

मध्य प्रदेश की भोपाल लोकसभा सीट इस बार के चुनावों में सबसे ज्यादा चर्चा का केंद्र रही है. कांग्रेस ने इस सीट पर अपने वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को उतारा है और दिग्विजय सिंह से टक्कर के लिए बीजेपी ने साध्वी प्रज्ञा ठाकुर को मैदान में उतारा है. भोपाल लोकसभा सीट पर पिछले 30 सालों से बीजेपी का ही राज है.

इस बार हिंदुत्व का चेहरा मानी जा रही साध्वी प्रज्ञा को टिकट देने का बीजेपी का फैसला क्या रंग लाता है यह तो 23 मई के बाद ही पता चलेगा. एग्जिट पोल के मुताबिक भोपाल में दिग्विजय पर साध्वी प्रज्ञा भारी पड़ रही है. भोपाल में मतदान 12 मई को हुआ था.

तिरुवनंतपुरम (शशि थरूर vs कुम्मानम राजशेखरन)

यूपीए सरकार में केंद्रीय मंत्री रहे शशि थरूर तिरुवनंतपुरम सीट से लगातार दो बार से सांसद बनकर लोकसभा पहुंच चुके हैं. इस बार भी इस सीट से कांग्रेस ने थरूर को ही मैदान में उतारा हैं. उन्हें रोकने के लिए बीजेपी ने मिजोरम के पूर्व राज्यपाल कुम्मानम राजशेखरन को उतारा है.

केरल की राजधानी की इस सीट पर बीते 23 अप्रैल को तीसरे चरण में मतदान सम्पन्न हुए थे. एग्जिट पोल के मुताबिक इस बार यहां कांग्रेस की जीत मुश्किल में दिख रही है. यहां बीजेपी उम्मीदवार राजशेखरन थरूर को कड़ी टक्कर दे रहे हैं.

गुरदासपुर ( सनी देओल vs सुनील जाखड़)

पंजाब की गुरदासपुर लोकसभा सीट से बीजेपी ने इस बार अभिनेता से नेता बने सनी देओल को मैदान में उतारा है. वहीं कांग्रेस की तरफ से सुनील कुमार जाखड़ उम्मीदवार हैं. जाखड़ गुरदासपुर से मौजूदा सांसद हैं. इस सीट पर एग्जिट पोल के अलग- अलग नतीजे सामने आए हैं.

आसनसोल (बाबुल सुप्रियो vs मुनमुन सेन)

आसनसोल लोकसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी श्री बाबुल सुप्रियो हैं. तृणमूल कांग्रेस ने यहां से मूनमून सेन को मैदान में उतारा है. आसनसोल, कोलकाता के बाद पश्चिम बंगाल का सबसे बड़ा शहर है. लोकसभा चुनाव के दौरान आसनसोल हिंसा को लेकर खबरों में रहा.

एग्जिट पोल की मानें तो इस बार यह सीट बीजेपी के बाबुल सुप्रियो के हाथ से खिसक सकती है. टीएमसी की मुनमुन सेन की जीतने की संभावना बनती दिख रही है. आसनसोल सीट पर 2014 में बीजेपी ने जीत हासिल की थी.

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