बात ‘विकास’ की हो तो कहते है ‘पहले आप’, बीजेपी-कांग्रेस का ‘असभ्यता’ वाला गठबंधन

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तुबा

कांग्रेस-बीजेपी निकले मौसेरे भाई

कांग्रेस और बीजेपी ने कायम की एकता की मिसाल. हालांकि ये बात वो खुद भी नही जानते होंगे लेकिन puridunia.com ने बीजेपी और कांग्रेस के दिए इस ख़ुफ़िया एकता के संदेश को डिकोड कर लिया है. इसे पढकर आप भी अच्छे से समझ लीजिये……

1.कांग्रेस का बिरयानी को लेकर हुआ गृहयुद्ध 

कांग्रेस हो या बीजेपी, अक्सर इनके नेता अपनी शालीनता की वेशभूषा का त्याग कर अपने असली रूप में प्रकट हो ही जाते है. कुछ दिनों पहले, कांग्रेस के बिजनोर से उम्मीदवार नसीमुद्दीन सिद्दीकी के समर्थको के बीच बिरयानी को लेके झड़प हो गयी. झड़प का एकलौता कारण यही उभर कर आया की बिरयानी पर पहला मुंह कौन मारेगा.

हम आम लोगों के, आम घरों की तहज़ीब, एक आम बात हमें समझाती है की “SHARING IS CARING“. लेकिन शायद राजनीती में नेता बाद में भ्रष्ट होते है, उनकी बुद्धि पहले भ्रष्ट हो जाती है. इसलिए वो ऐसे छोटी मोटी तह्ज़ीबो को भूल जाने की तहज़ीब में ही विश्वास करने लगते है.

खैर इस मामले में 9 लोग गिरफ्तार भी हुए है. विडियो देख कर तहज़ीब का अंदाज़ा लगाईये-

2. बीजेपी ने दिया टक्कर का मुकाबला 

बीजेपी कार्यकर्ताओ को जब एहसास हुआ की वे इस मामले में पीछे छूटे जा रहे है तो उन्होंने भी ऐसा ही एक ताज़ा-ताज़ा मामला मनोरंजन के लिए परोस ही दिया.

राजिस्थान के अजमेर में मसुदा से भी ऐसी ही एक अजीबों-गरीब तहज़ीब का मामला सामने आया है. बीजेपी के कार्यकर्ता बोलने के लिए एक दुसरे से माइक छीनते नज़र आए. माइक को लेकर झड़प इतनी बढ़ गई कि माइक में बोलने से ज्यादा तमाचो की अवाज़े गूंज रही थी.

यहाँ देखिये सुशाशन से भरपूर इस मामले का विडियो-

 

3.क्या कहती है जन के मन की आवाज़?

खैर मनोरंजन तो ठीक है लेकिन ये इन नेताओं और कार्यकर्ताओ के लिए शर्म की बात है कि ऐसी हरकतों को खुले आम बेशर्मी से करके, फिर खुले आम वोट अपील भी करते है.

इस देह का त्याग करने से पहले ,हमारी आत्मा बस ये देखने के लिए तड़प रही है कि कभी इन नेताओ में ‘विकास’ करने को लेके भी इसी तत्परता से झड़प हो. तो हम भारतीय नागरिकों का मनोरंजन तो हो ही, साथ ही गर्व भी महसूस हो.

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