रक्षा मंत्री Rajnath Singh के 70वें जन्मदिन पर पीएम मोदी ने उन्हें स्पेक्ट्रम में सराहा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बधाई देते हुए बोले राजनाथ सिंह को उनके जन्मदिन पर उनके गर्म व्यक्तित्व और ज्ञान के लिए उन्हें पूरे स्पेक्ट्रम में सराहा जाता है

नई दिल्ली: केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) आज अपना 70वां जन्मदिन मना रहे है। इस मौक पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) समेत देश के तमाम बड़े दिग्गज नेताओं ने उन्हें जन्मदिन की ढेरों शुभकामानाएं दी है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बधाई देते हुए बोले राजनाथ सिंह को उनके जन्मदिन पर उनके गर्म व्यक्तित्व और ज्ञान के लिए उन्हें पूरे स्पेक्ट्रम में सराहा जाता है। वह एक उत्कृष्ट सांसद और प्रशासक हैं। हमारे देश की सेवा में उनके लंबे और स्वस्थ जीवन के लिए प्रार्थना।

Physics के Lecturer थे राजनाथ सिंह

राजनाथ सिंह का जन्म 10 जुलाई 1951 को उत्तर प्रदेश के वाराणसी में हुआ है। वो भारत के एक प्रमुख राजनीतिज्ञ और रक्षा मंत्री हैं। वर्तमान में राजनाथ सिंह लखनऊ से सांसद हैं। राजनाथ सिंह पूर्व भारत के गृह मंत्री रह चुके है। वह पहले BJP के युवा स्कंध के और भाजपा की उत्तर प्रदेश ईकाई के अध्यक्ष थे। प्रारंभ में वे Physics के Lecturer थे। कर्म भूमि मीरजापुर रही पर  शीघ्र जनता पार्टी से जुड़ने के लिए उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से अपने दीर्घ संबंधों का उपयोग किया, जिसके कारण वे उत्तर प्रदेश में कई पदों पर विराजमान हुए। राजनाथ सिंह 17 वीं लोकसभा में BJP के उपनेता हैं।

वह 13 साल की उम्र में 1964 से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े थे। वह वर्ष 1972 में मिर्जापुर के शाखा करवा (महासचिव) भी बने। वर्ष 1974 में 2 वर्षों के बाद वह राजनीति में शामिल हो गए। 1969 और 1971 के बीच वे गोरखपुर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद RSS की छात्र शाखा के संगठनात्मक सचिव थे। वह 1972 में RSS की मिर्जापुर शाखा के महासचिव बने।

जेपी आंदोलन के लिए गिरफ्तार

1974 में उन्हें भारतीय जनता पार्टी के पूर्ववर्ती, भारतीय जनसंघ की मिर्जापुर इकाई का सचिव नियुक्त किया गया। 1975 में 24 वर्ष की आयु में राजनाथ सिंह को जनसंघ का जिलाध्यक्ष नियुक्त किया गया था। 1977 में वे मिर्जापुर (Mirzapur) से विधान सभा के सदस्य चुने गए। उस समय वे जयप्रकाश नारायण के जेपी आंदोलन से प्रभावित थे और जनता पार्टी में शामिल हो गए और मिर्जापुर से विधान सभा के सदस्य के रूप में चुने गए। उन्हें वर्ष 1975 में राष्ट्रीय आपातकाल की स्थिति के दौरान जेपी आंदोलन से जुड़ने के लिए गिरफ्तार किया गया था और उन्हें 2 साल की अवधि के लिए हिरासत में लिया गया था और जब उन्हें रिहा किया गया था, तो उन्हें विधान सभा के सदस्य के रूप में फिर से चुना गया था।

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