होमगार्डों  का मसलाः उत्तर प्रदेश सरकार से जवाब तलब

इलाहाबाद। उत्तर प्रदेश में होमगार्डों की दशा सुधारने और उनकी सेवा नियमावली बनाने और प्रदेश पुलिस के  समान वेतन देने की मांग वाली याचिका पर  हाईकोर्ट ने उतर प्रदेश सरकार से जवाब मांगा है।

इसके साथ ही हाईकोर्ट ने सरकार को निर्देश दिया  कि वह इस मामले में 11 जनवरी 2016 तक जवाब दायर करे। मामले की सुनवाई के लिए अगली तारीख 11 जनवरी को सुश्चित की गई है।

 छह या सात माह ही मिलती है ड्यूटी
यह आदेश न्यायाधीश बी. अमित स्थालेकर ने होमगार्ड अनिल कुमार रैकवार और कई अन्य होमगार्डों की याचिका पर दिया है। याची पक्ष के वकील विजय गौतम ने दाखिल याचिका में बताया कि वर्तमान समय में होमगार्डों को 250 रुपया प्रतिदिन मानदेय मिलता है। लेकिन रोस्टर प्रणाली की वजह से  प्रदेश में होमगार्डों को पूरे साल में छह या सात माह की ही ड्यूटी मिल पाती है। शेष चार -पांच माह घर बैठा दिया जाता है, जिसका न ही कोई भत्ता, न ही न्यूनतम वेतनमान मिलता है। ऐसे में परिवार का भरण पोषण मुश्किल हो जाता है। हाईकोर्ट में बताया गया कि यूपी में एक लाख 18 हजार के करीब होमगार्ड हैं। इसमें लगभग 4350 अफसर और शेष कर्मचारी हैं।

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