इस दशहरे पर चंडीगढ़ में जलेगा देश का सबसे बड़ा रावण, 221 फीट ऊंचे लंकापति

नवरात्रि के पावन पर्व पर नौ दिनों तक आदिशक्ति मां दुर्गा की पूजा-अर्चना के बाद विजयादशमी यानी दशहरे के दिन लंकापति रावण का दहन किया जाता है. पौराणिक मान्यता के अनुसार, भगवान राम ने विजयादशमी के दिन लंकापति रावण पर विजय प्राप्त की थी, इसलिए विजयादशमी यानी दशहरे को बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक के रुप में मनाया जाता है. हर साल दशहरे के दिन रावण दहन कार्यक्रम का आयोजन देश के भिन्न इलाकों में किया जाता है, लेकिन इस बार चंडीगढ़ में रावण दहन का नजारा देखने लायक होगा, क्योंकि यहां दशहरे के मौके पर देश के सबसे ऊंचे रावण का दहन किया जाएगा.

देश के सबसे बड़े रावण की ऊंचाई करीब 221 फीट है और इसे खड़ा करने में काफी मेहनत करनी पड़ी. बताया जा रहा है कि करीब 12 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद रावण के पुतले को खड़ा करने में कामयाबी मिली. रावण के पुतले को खड़ा करने के लिए दो क्रेन, दो जेसीबी मशीन और 150 लोगों की मदद ली गई. देश के सबसे ऊंचे रावण के पुतले को तजिंदर सिंह चौहान ने तैयार किया है.

चलिए जानते हैं देश के सबसे ऊंचे रावण के इस पुतले की खासियतें-

रावण के पुतले की खासियत-

रावण के पुतले को तैयार करने वाले तजिंदर सिंह चौहान का कहना है कि इस पुतले को इस तरह से तैयार किया गया है कि अगर विजयादशमी पर बारिश भी आ जाए तो रावण दहन के कार्यक्रम में कोई रुकावट नहीं आएगी. इसे बनाने के लिए 3 हजार मीटर कपड़ा और ढ़ाई हजार मीटर जूट के मैट का उपयोग किया गया है. इसकी खासियत यह है कि बारिश होने पर बारिश का पानी इसके अंदर नहीं जा पाएगा और बरसात के बावजूद इसको जलाया जा सकेगा.

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