मार्केट में एकबार फिर से लगा NCERT ‘बुक्स नॉट अवेलेबल’ का टैग

0

उत्तराखंड। हर साल मार्च अभिभावकों के लिए मुश्किल भरा साबित होता है। कहीं बच्चे के दाखिले की टेंशन होती है तो कहीं नए सत्र में बच्चे की पढ़ाई के खर्च का बोझ उठाने की तैयारी शुरू हो जाती है। लेकिन इस बार एक और टेंशन अभिभावकों के मत्थे चढ़ी है वो है किताबों की। कहा जा रहा है एडवांस बुकिंग के बाद भी बच्चों की किताबे नहीं मिल पा रही हैं।

एनसीआरटी ने एकबार फिर से अभिभावकों के लिए नई मुसीबत खड़ी कर दी है। बच्चों को कोर्स की वजह से उन्हें इन दिनों बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। एससी के फैसले के बाद भी अब बाजार में किताबें ही नहीं मिल रही हैं। नवीन शिक्षण सत्र शुरू हुए एक माह होने वाला है लेकिन एनसीईआरटी की गणित, हिंदी, संस्कृत और भूगोल विषयों की किताबें अभी तक बाजार में उपलब्ध नहीं हो पाई हैं।

वहीं कई निजी विद्यालयों में अभी भी विद्यालय संचालकों की ओर से निजी प्रकाशकों की किताबों से ही पढ़ाई कराई जा रही है, जिससे छात्रों को वार्षिक परीक्षा में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। अभिभावक ओम प्रकाश नेगी, महेंद्र रावत और मनोज सिंह का कहना है एक महीने से विद्यालयों में पठन-पाठन कार्य शुरू हो गया है।

वहीं स्कूली बच्चों का कहना है कि दुकानों में उनकी कोर्स की किताबें नहीं मौजूद हैं। जिसकी वजह से उन्हें बहुत परेशान होना पड़ रहा है। उनकी पढ़ाई में बहुत दिक्कतें आ रही हैँ। ऐसे में जब दुकानदार और पुस्तक विक्रेता पीयूष विश्नोई और महानंद बिष्ट से बात की गई तो उन्होंने बताया कि एडवांस बुकिंग के बाद भी बच्चों की किताबें नही मिल रही हैं।

loading...
शेयर करें