जज को कहा ‘भ्रष्ट’ हो गई महीने भर की जेल

courtroomनई दिल्ली।  दिल्ली हाई कोर्ट ने शुक्रवार को एक आपराधिक अवमानना मामले में इसके एक जज को ‘भ्रष्ट’ कहने पर एक महिला वकील को एक महीने की जेल की सजा सुना दी। कोर्ट ने कहा कि निराधार बयान अदालत के प्राधिकार को अपमानित और इसकी गरिमा को कम करता है।

अदालत ने वकील सीमा सपरा को उच्च न्यायालय की किसी पीठ या किसी अदालत या न्यायाधिकरण के सामने वकील या व्यक्ति के तौर पर अपने बचाव को छोड़कर, दो साल के लिए पैरवी पर रोक लगा दी।

न्यायमूर्ति वाल्मीकि जे मेहता और जस्टिस पीएस तेजी की पीठ ने कहा, ‘साफ तौर पर नोटिसी का न्यायमूर्ति विभू बाखरू को भ्रष्ट कहना अदालत की आपराधिक अवमानना है। जज के खिलाफ इस तरह का बेबुनियाद बयान इस अदालत का अपमान और इसकी मर्यादा को कम करता है।’ वकील को अदालत की अवमानना का दोषी ठहराते हुए पीठ ने एक महीने की सजा और 2,000 रुपये का जुर्माना लगाया।

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