बजट को लेकर विपक्ष का योगी सरकार पर हमला

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लखनऊ। यूपी की योगी सरकार ने शुक्रवार को अपना दूसरा बजट पेश किया। इस बजट के आने के बाद सरकार पर विपक्षी दलों के हमले शुरू हो गए हैं। विपक्ष ने इस बजट को जनता के साथ धोखा करार दिया है।

योगी सरकार

समाजवादी पार्टी ने भाजपा सरकार द्वारा पेश किए गए बजट को निराशाजनक बताया है। विधानसभा में सपा और विपक्ष के नेता राम गोविंद चौधरी ने कहा कि इस निराशाजनक बजट में 75 प्रतिशत योजनाएं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम हैं। ऐसा लगता है कि राज्य की योगी आदित्यनाथ सरकार को केंद्र की मोदी सरकार ही चला रही है।

उन्होंने कहा कि यह बजट किसान, नौजवान और गरीब विरोधी है। इससे जनता का भला नहीं होगा।

इसी तरह सपा के मुख्य प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने कहा कि अखिलेश सरकार की योजनाओं को ही आगे बढ़ाया गया है। वहीं सरकार ने डायल 100 को नजर अंदाज किया। सपा प्रवक्ता ने कहा कि एक्सप्रेसवे को लेकर दिया गया बजट अधूरा है। वहीं इस बजट में किसानों को फिर से निराशा हाथ लगी है। योगी सरकार ने युवाओं के रोजगार के लिए सरकार ने पुख्ता इंतजाम कुछ नहीं किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि योगी सरकार के इस दूसरे बजट में सिर्फ आंकड़ों को इधर से उधर किया गया है।

वहींए बसपा विधानमण्डल दल के नेता लालजी वर्मा ने कहा कि बजट घोर निराशाजनक है। बजट जनता के लिए निराशाजनक है। पिछले बजट की विभिन्न योजनाओं का 60 प्रतिशत खर्च नहीं हुआ है, वहीं इस बजट से घाटा और बढ़ेगा। श्री वर्मा ने कहा कि बजट में दलितों के उत्थान के लिए कोई इंतजाम नहीं किया गया है और सरकार केंद्र की योजनाओं का जिक्र करके अपनी पीठ थपथपा रही है।

कांग्रेस विधानमंडल दल के नेता अजय कुमार लल्लू ने कहा कि जनता को उम्मीद थी कि इस बजट में नई योजनाएं किसानों और नौजवानों के लिए होंगीए लेकिन निराशा हाथ लगी। आलू और गन्ना किसानों के लिए अपेक्षित विशेष पैकेज इस बजट नहीं दिया गया है। 14 लाख हर साल रोजगार देने की बात सरकार ने की थी, वो इस बजट में दिखाई नहीं दिया।

उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने का खाका इस बजट में नहीं दिखाई दिया। बजट में स्वास्थ्य सेवाओं और गांवों के विकास के लिये कुछ नहीं है। यह केवल कागज का पुलिंदा है। उन्होंने आरोप लगाया कि योगी सरकार केंद्र सरकार और भगवान राम के भरोसे चल रही हैं।

उधर, राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनिल दुबे ने उप्र सरकार के बजट को जनता के साथ किया गया फरेब बताया। उन्होंने कहा कि इस बजट में गन्ना और आलू किसानों के लिए बजट में कोई प्रावधान नहीं किया गया है और पश्चिमी उत्तर प्रदेश की पूरी तरीके से उपेक्षा की गई है। उन्होंने कहा कि सरकार ने प्रदेश तीन करोड़ बेरोजगारों के स्वरोजगार के लिए मात्र 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है, जो स्वयं में एक मजाक है।

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