जंतर-मंतर पर किसानों के विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए विपक्षी नेता

14 विपक्षी दलों में कांग्रेस, डीएमके, टीएमसी, एनसीपी, शिवसेना, राजद, समाजवादी पार्टी, सीपीआई (एम), आप, सीपीआई, आईयूएमएल, आरएसपी, नेशनल कॉन्फ्रेंस और एलजेडी ने पहले एक बैठक में हिस्सा लिया था।

नई दिल्ली: तीन विवादित कृषि कानूनों के विरोध में शुक्रवार दोपहर विपक्षी नेता दिल्ली के जंतर-मंतर पर किसानों के साथ शामिल हुए। हालांकि टीएमसी, बसपा और आप के नेताओं ने विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेने से परहेज किया। उन्होंने तख्तियां लिए हुए थे जिन पर लिखा था ‘किसान बचाओ, भारत बचाओ’ और किसानों के साथ एकजुटता के नारे लगाए।

14 विपक्षी दलों में कांग्रेस, डीएमके, टीएमसी, एनसीपी, शिवसेना, राजद, समाजवादी पार्टी, सीपीआई (एम), आप, सीपीआई, आईयूएमएल, आरएसपी, नेशनल कॉन्फ्रेंस और एलजेडी ने पहले एक बैठक में हिस्सा लिया था। राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे के कार्यालय में केंद्र सरकार के खिलाफ गति बनाए रखने के लिए राहुल गांधी और अन्य विपक्षी सांसद लगातार पेगासस और कृषि कानूनों के मुद्दे उठा रहे हैं। इससे पहले आज, मनिकम टैगोर और दीपेंद्र हुड्डा सहित कई विपक्षी सांसदों ने दोनों सदनों में स्थगन प्रस्ताव पेश किया। उन्होंने किसानों के विरोध और तीन कृषि कानूनों को निरस्त करने पर चर्चा की मांग की।

वहीँ दूसरी ओर, किसान पिछले एक सप्ताह से जंतर मंतर पर संसद के समानांतर सत्र “किसान संसद” का आयोजन कर रहे हैं, केंद्र से तीन कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग कर रहे हैं। आपको बता दें इससे पहले, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि विपक्षी नेता केंद्र की नीतियों के खिलाफ किसानों से जुड़ रहे हैं।

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