स्पेशल कोर्ट संपत्तियां जब्त करने का आदेश देकर सुनाई ‘आर्थिक मौत’ की सजा:-भगोड़े विजय माल्या

मुंबई: बैंकों का अरबों रुपया खाकर विदेश भागे शराब कारोबारी विजय माल्या ने बांबे हाई कोर्ट में कहा है कि स्पेशल कोर्ट ने उसे भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित करने के साथ ही उसकी संपत्तियां जब्त करने का आदेश देकर उसे ‘आर्थिक मौत की सजा’ सुना दी है।

जस्टिस रंजीत मोरे और जस्टिस भारती डांगरे की बेंच के सामने माल्या ने अपने वकील अमित देसाई के जरिए यह बात कही है। माल्या के खिलाफ भगोड़े आर्थिक अपराधी कानून के तहत सुनवाई के दौरान यह बात कही गई। पि

विजय माल्या ने कहा, ‘मेरे कर्ज और इस तरह के कर्ज पर ब्याज बढ़ रहा है। मेरे पास यह कर्ज चुकता करने के लिए संपत्ति है, लेकिन सरकार कर्ज चुकाने के लिए इन संपत्तियों के इस्तेमाल की अनुमति नहीं दे रही है।’ माल्या ने आगे कहा, ‘यह आर्थिक मौत की सजा है जो उसे सुनाई गई है।’

देसाई ने कोर्ट से अपील करते हुए कहा कि वह देश भर में माल्या की संपत्तियों को जब्त करने की कार्यवाही पर रोक लगाने का आदेश दे, हालांकि बेंच ने माल्या को किसी भी तरह की अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया है।

स्पेशल कोर्ट ने पिछले साल अगस्त में अमल में लाए गए आर्थिक अपराधी कानून के तहत जनवरी में माल्या को भगोड़ा आर्थिक अपराधी (FEO) घोषित किया था। माल्या की ओर से कोर्ट के इस फैसले को चुनौती दी गई थी। उसने अपनी संपत्तियों को जब्त करने और उसे केंद्र सरकार के नियंत्रण में रखने के फैसले को भी चुनौती दी थी।

देसाई ने FEO कानून को ‘निर्दयी’ और ‘असंवैधानिक’ बताया। माल्या की याचिका का विरोध करते हुए ईडी के वकील डीपी सिंह ने इस कानून को सही बताया।

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