एक छोटी सी गलती से चला गया सबकुछ, वरना मुकेश अंबानी से दोगुना अमीर होता ये शख्‍स

रोनाल्ड वेननई दिल्ली। एक कहावत बहुत मशहूर है कि इंसान को किस्मत से ज्यादा और वक्त से पहले कुछ भी नहीं मिलता। ये कहावत बिल्कुल सटीक बैठती है एक शख्स पर जो अगर एक गलती न करता तो आज दुनिया के सबसे अमीर लोगों के लिस्ट में शामिल होता।

इस शख्स का नाम रोनाल्ड वेन है। बहुत कम ही लोगों को पता है कि वेन एप्पल के तीसरे को-फाउंडर थे। आपको जानकर हैरानी होगी कि उन्होंने एप्पल की शुरुआत में ही उसके 10% शेयर महज 800 डॉलर यानी 52 हजार रुपए में बेच दिए। उस समय वेन को भी नहीं पता होगा कि वह कितनी बड़ी गलती करने जा रहे हैं।

एप्पल की 10 फीसदी शेयर की कीमत आज के दिन 5 लाख करोड़ रुपए है। वेन की एक छोटी से गलती ने उन्हें दुनिया के सबसे अमीर लोगों की लिस्ट से मीलों दूर कर दिया।

अगर वेन अपना शेयर नहीं बेचे होते तो आज वह मुकेश अंबानी से भी अमीर होते। बता दें कि एक अप्रैल 1976 को स्टीव जॉब्स, स्टीव वॉजनिएक और रोनाल्ड वेन ने एप्पल की शुरुआत की थी।

रोनाल्ड वेन, जॉब्स और वॉजनिएक के मुकाबले काफी अनुभवी और ज्यादा उम्र के थे। उस समय उनकी उम्र 42 साल थी।  वेन ने ही एप्पल का सबसे पहला Logo डिजाइन किया था और कंपनी का पार्टनरशिप एग्रीमेंट भी तैयार किया था।

देखा जाए तो जब जॉब्स और वॉजनिएक प्रोडक्ट का काम संभाल रहे थे। उस समय वेन कंपनी को ऑर्गेनाइज करने का काम कर रहे थे। लेकिन फिर अचानक ऐसा हुआ कि रोनाल्ड ने कंपनी में अपनी 10% हिस्सेदारी महज 52 हजार रुपए में बेच दी।

रोनाल्ड ने कई साल बाद इस बात का खुलासा किया कि कंपनी छोड़ने का फैसला उनका खुद का था। वेन के कंपनी छोड़ने के पीछे कई वजहें थी जिनमें से एक स्टीव जॉब भी थे। उनके साथ काम करना बेहद मुश्किल था।

रोनाल्ड ने बताया कि कंपनी के शुरुआती सालों में ही उसे छोड़ने का फैसला ठीक था। उस समय वह साल के 15 लाख रु कमा रहे थे। हालांकि उनके दोनों साथी को-फाउंडर उन्हें वापस कंपनी ज्वाइंन करने के लिए बुलाते रहे। लेकिन रोनाल्ड नहीं गए।

वक्त गुजरता रहा और एप्पल दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी बन गई। आज कंपनी की वेल्यूएशन करीब 850 बिलियन डॉलर यानी करीब 55 लाख करोड़ है। अगर आज रोनाल्ड अपने 10% शेयर के साथ एप्पल से जुड़े होते तो उनकी नेटवर्थ 85 बिलियन डॉलर यानी 5 लाख करोड़ रुपए होती।

Related Articles