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1. दिनेश पाठक

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दिनेश पाठक

दिनेश पाठक वरिष्ठ पत्रकार हैं. राष्ट्रीय सहारा से पत्रकारिता की शुरुआत की. फिर देश के प्रतिष्ठित हिन्दुस्तान अखबार से जुड़े. और इलाहाबाद, आगरा, देहरादून, कानपुर तथा गोरखपुर में संपादक रहे हैं. मौजूदा समय में www.puridunia.com के प्रबंध संपादक हैं. बच्चों एवं माता-पिता का मार्गदर्शन करती उनकी किताब ‘बस थोड़ा सा‘, ‘बच्चों के सुनहरे भविष्य के सूत्र‘ और बच्चों की सफलता के मंत्र‘ काफी चर्चित है. व्यंग्य पर आधारित एक और किताब जल्द ही आने वाली है.

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4. आत्म प्रकाश मिश्र

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आत्म प्रकाश मिश्र

आत्म प्रकाश मिश्र इस समय लखनऊ दूरदर्शन में वरिष्ठ कार्यक्रम अधिशासी हैं. राष्ट्रीय कॉमेंट्रेटर भी हैं. ब्राडकास्टिंग के क्षेत्र में कई पुरस्कार जीत चुके हैं. व्यंग लेखन में भी इनकी गहरी पैठ है. सामाजिक, राजनीतिक एवं सम सामायिक मुद्दों पर उनके विचार लोगों के दिल में गहरे उतर जाते हैं.

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7. अजय गर्ग

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अजय गर्ग

अजय गर्ग मुख्‍यधारा की पत्रकारिता में लंबा सफर तय कर चुके हैं। वे दैनिक भास्‍कर समूह, हिंदुस्‍तान टाइम्‍स समूह, दैनिक जागरण समूह, अमर उजाला समूह और एब्‍सोल्‍यूट इंडिया जैसे प्रकाशनों में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। बेमकसद की घुमक्‍कड़ी उनका शगल है, जबकि दुनिया की कुछ बेहतरीन और पुरानी नगर सभ्‍यताओं एवं विरासतों का इतिहास उनकी स्‍मृतियों में कभी न भूलने वाली यात्राओं के साथ दर्ज है। वे अब तक 12 देशों की यात्राएं कर चुके हैं और जीवन को इन्‍हीं यात्राओं के बीच विश्राम देते हैं। मुंबई में रहकर इन दिनों फ्री-लांस पत्रकारिता कर रहे अजय एक अच्छे गीतकार और फिल्‍म समीक्षक भी हैं। देश के कई अखबारों में सिनेमा पर उनके लेख और समीक्षाएं पाठकों की सुबह का हिस्‍सा होते हैं।

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8. तारकेश कुमार ओझा

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तारकेश कुमार ओझा

पश्चिम बंगाल के वरिष्ठ हिंदी पत्रकारों में शामिल तारकेश कुमार ओझा का जन्म 25.09.1968 को उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में हुआ था। हालांकि पहले नाना और बाद में पिता की रेलवे की नौकरी के सिलसिले में शुरू से वे पश्चिम बंगाल के खड़गपुर शहर मे स्थायी रूप से बसे रहे। साप्ताहिक संडे मेल समेत अन्य समाचार पत्रों में शौकिया लेखन के बाद 1995 में उन्होंने दैनिक विश्वमित्र से पेशेवर पत्रकारिता की शुरूआत की। कोलकाता से प्रकाशित सांध्य हिंदी दैनिक महानगर तथा जमशदेपुर से प्रकाशित चमकता अाईना व प्रभात खबर को अपनी सेवाएं देने के बाद ओझा पिछले 10 सालों से दैनिक जागरण में कार्य कर रहे हैं।

विशेषः दैनिक जागरण , खड़गपुर कार्यालय से संबद्ध रहते हुए माओवादी गतिविधियों व हिंसा पर विस्तृत लेखन। 

संप्रतिः अखबार के साथ ही सम- सामयिक विषयों पर निरंतर लेखन।

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9. देवेश सिंह

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देवेश सिंह

देवेश विगत 17 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. पहले दैनिक जागरण अखबार में काफी समय तक रहे. बाद में लखनऊ से प्रकाशित चर्चित राजनीति नामक दैनिक समाचार पत्र और मासिक पत्रिका में वरिष्ठ पद पर हैं. वह सामाजिक, राजनीतिक विषयों पर आक्रामक अपने विचारों के लिए जाने जाते हैं.

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11. रामकृष्ण वाजपेयी

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रामकृष्ण वाजपेयी

रामकृष्ण वाजपेयी पत्रकारिता के क्षेत्र में एक चर्चित नाम है। आप 1984 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। 1994 तक दैनिक जागरण में लखनऊ से जुड़े रहे। 1994 से 2015 तक राष्ट्रीय सहारा लखनऊ व वाराणसी में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के पदों पर रहे। सम्प्रति लखनऊ में डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इस दौरान आप आल इंडिया रेडियो व दूरदर्शन लखनऊ में भी सक्रिय रहे। आप मास कम्युनिकेशन में बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर केन्द्रीय विश्वविद्यालय से परास्नातक व लखनऊ विश्वविद्यालय से एलएलबी हैं।

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12. श्रीपति त्रिवेदी

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श्रीपति त्रिवेदी

श्रीपति त्रिवेदी वरिष्ठ पत्रकार हैं. पिछले 20 साल से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. वह हिन्दुस्तान, इंडिया टीवी, सीएनईबी न्यूज़, के न्यूज़ आदि चैनलों से जुड़े रहे. शिक्षण कार्य भी करते हैं. आर्थिक मामलों के अच्छे जानकार हैं. फिलहाल लखनऊ में कार्यरत हैं. राजनीतिक मुद्दों पर उनकी कलम खूब चलती है.

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13. अजय कश्यप

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अजय कश्यप

अजय कश्यप वर्ष 2000 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. शुरूआत हिन्दुस्तान अखबार से की. बाद में अमर उजाला और दैनिक भास्कर अखबार में उच्च पदों पर रहे. लखनऊ, आगरा, कानपुर, मेरठ, अलीगढ़, पटना और रांची शहरों में पत्रकारिता की. हाल ही में डिजिटल मीडिया से जुड़े हैं. सामाजिक मुद्दों पर लेखन में उनकी गहरी पैठ है.

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17. हबीबुल हसन

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हबीबुल हसन

हबीबुल हसन एक प्रतिबद्ध कवि हैं। पेशे से प्रान्तीय पुलिस सेवा में हैं। वर्तमान में लखनऊ में एसपी ट्रैफिक के पद पर कार्यरत हैं। मूलतः आप इलाहाबाद के रहने वाले हैं। इलाहाबाद विश्वविद्यालय से संस्कृत से स्नातक व  दर्शनशास्त्र से परास्नातक कर आप लेक्चरर बनाना चाहते थे,  इसी दौरान आपका चयन  प्रान्तीय पुलिस सेवा में हो गया। आपने भगवत गीता पर शोध किया है। लेखन और पेंटिंग में आपकी विशेष रूचि रही है। आपकी कविताएं प्रचलित रीतिवाद से निरन्तर संघर्ष करती हुई सर्वथा एक नई जमीन रचने वाली हैं। कविता की निर्मिति में उनकी विश्वदृष्टि विचार के बजाय घटनाओं, पात्रों, जीवन संवेगों से अपना रूपाकार अर्जित करती हैं। आपकी कविताएं हमें आगाह करती हैं कि हमारा समाज किस तरफ बढ़ रहा है। आप लंबे समय से कविताएं लिख रहे हैं। आपके पास खासा कविताओं का संग्रह है। आप खासे मर्मस्पर्शी व संवेदनशील कविताओं के लिए भी जाने जाते रहे हैं.

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18. सूर्यांश पाठक

Suryansh Pathak
Suryansh Pathak

Suryansh Pathak is a final year school student in Lucknow. He is a highly extrovert commentator and orator who enjoys socializing, stimulating debates and conversations peppered with razor sharp wit and he is also the President of the Literary Council of his school.

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सगीर ए खाकसार

whatsapp-image-2016-10-14-at-8-05-19-pmमूलतः सिद्धार्थ नगर के बांसी कसबे के निवासी हैं।पत्रकारिता की शुरुआत नेशनल हेराल्ड ग्रुप के नवजीवन से की।बतौर संवाददाता दैनिक हिंदुस्तान,नूतन सवेरा,इंडिया न्यूज़ पत्रिका में काम किया।दूरदर्शन और आकाश वाणी से भी जुड़े रहे हैं।करीब डेढ़ दशक से पत्रकारिता और लेखन में सक्रिय।अन्ना आंदोलन में भी भागीदारी रही।फिलवक्त स्वतंत लेखन।नेपाल के सियासी मामलों गहरी रुचि।शिक्षा के क्ष्रेत्र में कुछ बड़ा करने की तमन्ना। 

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डा.राधेश्याम द्विवेदी

whatsapp-image-2016-10-14-at-8-05-19-pmडा.राधेश्याम द्विवेदी ने अवध विश्वविद्यालय फैजाबाद से बीए और बीएड की डिग्री,गोरखपुर विश्वविद्यालय से एमए (हिन्दी),एलएलबी, सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय वाराणसी का शास्त्री, साहित्याचार्य तथा ग्रंथालय विज्ञान की डिग्री तथा विद्यावारिधि की (पी.एच.डी) की डिग्री उपार्जित किया। आगरा विश्वविद्यालय से प्राचीन इतिहास से एम.ए.डिग्री तथा’’बस्ती का पुरातत्व’’ विषय पर दूसरी पी.एच.डी.उपार्जित किया। बस्ती ’जयमानव’ साप्ताहिक का संवाददाता, ’ग्रामदूत’ दैनिक व साप्ताहिक में नियमित लेखन, राष्ट्रीय पत्र पत्रिकाओं में रचनाएं प्रकाशित, बस्ती से प्रकाशित होने वाले ’अगौना संदेश’ के तथा ’नवसृजन’ त्रयमासिक का प्रकाशन व संपादन भी किया। सम्प्रति 2014 से भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण आगरा मण्डल आगरा में सहायक पुस्तकालय एवं सूचनाधिकारी पद पर कार्यरत हैं।
प्रकाशित कृतिः ”इन्डेक्स टू एनुवल रिपोर्ट टू द डायरेक्टर जनरल आफ आकाॅलाजिकल सर्वे आफ इण्डिया” 1930-36 (1997) पब्लिस्ड बाई डायरेक्टर जनरल, आकाॅलाजिकल सर्वे आफ इण्डिया, न्यू डेलही।

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डॉ. नीलम महेंद्र

dr-neelam-mahendraडॉ. नीलम महेंद्र वरिष्ठ स्तम्भकार और लेखिका हैं। सम-सामयिक मुद्दों से लेकर विविध विषयों पर अपने विचारवर्धक एवं ज्ञानवर्धक लेखों के लिए सम्मानित हैं। ग्वालियर, मध्यप्रदेश में जन्मीं तथा बीएएमएस तक शिक्षा हासिल करने वाली डॉ. नीलम के लेखों का प्रकाशन देश-विदेश की विभिन्न पत्र/पत्रिकाओं में लगातार होता रहता है। आपको अपने लेखों के लिए ‘मामा माणिकचंदचन्द वाजपई स्मृति सेवा न्यास श्रेष्ठ स्तम्भकार पुरस्कार’ तथा बेस्ट ब्लॉगर पुरस्कार भी मिल चुका है। इस समय वह अपनी एक पुस्तक ‘किस ओर चला रे’ पर कार्यरत हैं।

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