जुमे की नमाज़ के स्थल पर हुए गोवर्धन पूजा से ओवैसी नाराज, मचा बवाल

नई दिल्ली: दिल्ली से सटे गुरुग्राम के सेक्टर 12 में एक भूमि पर दीवाली के दूसरे दिन यानी शुक्रवार को जुमे की नमाज़ के दिन नमाज स्थल पर गोवर्धन पूजा और अन्नकूट पूजा की गई। जिसमे दुर्गा वाहिनी पोशाक की महिलाओं ने भगवान कृष्ण की प्रतिमा बनाई जिसने वो खुले स्थान के एक कोने में गोवर्धन पहाड़ी उठा रहे थे, जिसके बगल में एक मंच और कुर्सियाँ बनाई गई थीं। इस पर AIMIM के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने निशाना साधा है।

इस मामले पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए असदुद्दीन ओवैसी ने शुक्रवार को ट्विटर पर कहा कि यह ‘मुसलमानों के प्रति सीधी नफरत’ का मामला है। AIMIM के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि विरोध प्रदर्शन इस बात का एक आदर्श उदाहरण है कि ये प्रदर्शनकारी कितने कट्टरपंथी हो गए हैं, ये पूरी तरह से मुसलमानों के प्रति नफरत है। उन्होंने पूछा, ‘सप्ताह में एक बार 15-20 मिनट के लिए जुमे की नमाज़ अदा करने से कैसे किसी की आस्था को चोट लग रही है?’

ओवैसी का ट्वीट

दरअसल पिछले कुछ महीनों से विभिन्न हिंदू संगठन और कुछ स्थानीय लोग गुरुग्राम में खुले स्थानों पर नमाज अदा करने का विरोध कर रहे हैं। कई मौकों पर जुमे की नमाज को बाधित करने का प्रयास किया गया है, जिससे प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है।

प्रशासन ने नमाज की 8 स्थलों की अनुमति वापस ले ली

गुरुग्राम प्रशासन ने शहर के 37 निर्धारित स्थलों में से आठ पर नमाज की अनुमति वापस ले ली। प्रशासन ने अनुमति रद्द करने का कारण ‘स्थानीय निवासियों और निवासी कल्याण संघों की आपत्ति’ बताया। ओवैसी ने अपने ट्वीट में अल जज़ीरा की एक रिपोर्ट के लिंक भी दिया है।

इस बीच, जिला प्रशासन के अधिकारियों ने इलाके में नमाज के लिए स्थानों की पहचान करने के लिए एक समिति का गठन किया है। जिला प्रशासन द्वारा जारी एक विज्ञप्ति में यह उल्लेख किया गया है कि अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि स्थानीय निवासियों को किसी भी समस्या का सामना न करना पड़े।

ये थे शामिल

इस शुक्रवार को, विरोध को राजनीतिक समर्थन मिला, जिसमें भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता कपिल मिश्रा और सूरज पाल अमू, विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के वरिष्ठ नेता सुरेंद्र जैन के साथ उपस्थित थे। यह कार्यक्रम संयुक्त हिंदू संघर्ष समिति (एसएचएसएस) द्वारा आयोजित किया गया था, जिसमें बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद, हिंदू क्रांति दल, आर्य समाज, दुर्गा वाहिनी और सनातन धर्म जैसे 22 हिंदू दक्षिणपंथी संगठन शामिल हैं।

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