ओवैसी ने फिर दिया जहरीला बयान, मुस्लिम समुदाय से की बहुत बड़ी अपील

मुंबई: ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने एक बार फिर विवादित बयान देकर राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। इस बार ओवैसी ने देश के मुसलमानों ने अपील की है कि उन्हें अपना वोट हमेशा मुस्लिम उम्मीदवार को ही दें। उन्होंने यह बयान महाराष्ट्र के बीड में एक रैली को उपस्थित लोगों को संबोधित  हुए दिया। अपने संबोधन में उन्होंने उत्तर प्रदेश के हापुड़ में हुई मॉब लिंचिंग की निंदा भी की।

असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि अगर मुसलमान इस देश में धर्म निरपेक्षता को जिंदा रखना चाहते हैं, तो उन्हें अपने लोगों को वोट देना होगा। उन्होंने कहा कि मैं आप लोगों से कहना चाहता हूं कि अगर आप इस देश में सेकुलरिज्म को जिंदा रखना चाहते हो तो आपको अपने अधिकारों के लिए लड़ना होगा। अपने लोगों (मुसलमानों) को ही वोट दें। अगर मुस्लिम पॉलिटिकल पावर बनते हैं तो लोकतंत्र और सेकुलरिज्म दोनों मजबूत होंगे।

ओवैसी ने कहा कि उन्होंने अपने पूरे भाषण के दौरान मुस्लिम वोटर पर ही फोकस किया। हापुड़ में हुई हिंसा की निंदा करते हुए कहा कि एक मुसलमान जिसने गाय को नहीं मारा उसे पीट-पीटकर मार डाला गया, ये कहां कि इंसानियत है?

ओवैसी ने कहा कि हापुड़ में कासिम जो बकरे का कारोबार करता था उसे गाय की हत्या करने के आरोप में मार डाला गया। वह खेत में बैठकर किसी से बात कर रहा था, उस वक्त लोगों की भीड़ आई और उसे पीटने लगी। उसे मार-मारकर अधमरा कर दिया गया। ये बोला गया कि उसने गाय को मारा है। कासिम पानी मांगता रहा, लेकिन किसी ने उसे पानी नहीं दिया। उसे जमीन पर घसीटा गया। पीएम मोदी ने भी इसे देखा। मध्य प्रदेश से ओडिशा ले जाए जा रहे शेर को पहले बेहोश किया गया और स्ट्रेचर पर डालकर ले जाया गया, लेकिन यहां कासिम को पानी तक नहीं दिया गया।

एआईएमआईएम के चीफ ने कहा कि गंगा-जमुना की बातें अब केवल किताबों में ही रह गई हैं। यहां बैठकर आंसू बहाने से कोई मतलब नहीं है, उठो, जागो, सेकुलरिज्म की बात झूठी है। हापुड़ केस में केवल दो लोगों की ही गिरफ्तारी हुई। एक व्यक्ति की मौत हो गई और केवल दो ही गिरफ्तार हुए। ओवैसी ने मुसलमानों से अपील की कि वो जागें और अपने हक के लिए लड़ें।

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