ओवैसी बोले, ‘मुस्लिमों का राजनीति में हिस्सा लेना हिंदुत्व के खिलाफ सबसे बड़ी चुनौती’

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल(AIMIM) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने अपने ट्वीट में लिखा कि हिंदुत्व चाहता है कि राजनीति में केवल एक ही समुदाय के पास शक्ति होनी चाहिए।

नई दिल्ली: हैदराबाद से सांसद और एआईएमआईएम के मुखिया असदुद्दीन ओवैसी ने एक बार फिर हिन्दु-मुस्लिम मुद्दे पर बात करते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। असदुद्दीन ओवैसी ने अपने बयान में कहा कि संघ नही चाहता कि मुस्लिम समुदाय के लोग संसद में किसी क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करें।

ओवैसी ने अपने ट्विटर अकाउंट से एक पोस्ट डालते हुए यह बयान दिया कि संसद और अनेक विधानसभाओं में मुस्लिम प्रतिनिधि होने चाहिए। ओवैसी ने यह बयान केन्द्र में बैठी बीजेपी सरकार पर तंज कसते हुए कहा।

हिंदुत्व राजनैतिक शक्ति केवल अपने पास रखना चाहता है

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल(AIMIM) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने अपने ट्वीट में लिखा कि हिंदुत्व चाहता है कि राजनीति में केवल एक ही समुदाय के पास शक्ति होनी चाहिए। उन्हें लगता है कि केवल उनके पास ही राजनीति में भाग लेने का अधिकार होना चाहिए।

संसद में मुस्लिमों की उपस्थिती सबसे बड़ी चुनौती : ओवैसी

उन्होंने संसद और विधानसभा में मुस्लिमों के प्रतिनिधित्व वकालत की। उन्होनें कहा कि संसद और विधानसभाओ में हमारी अधिक मौजूदगी हिंदुत्व के लिए सबसे बड़ी चुनौती होगी। जो कि हिंदुत्व संघ के खिलाफ काम करेगी। अपनी बात में असदुद्दीनओवैसी ने यह भी कहा कि यदि हम अपनी उपस्थिती दर्ज करा पाते हैं तो हम जश्न मनाएंगे।

बिहार विधान सभा में ओवैसी की पार्टी को पांच सीटों पर जीत

गौरतलब है कि एआईएमआईएम प्रमुख का बयान उस वक्त आया है जब उनकी पार्टी ने बिहार में पांच सीटों पर जीत दर्ज की है। इसके साथ ही बिहार विधानसभा में मुस्लिम प्रतिनिधित्व का घटना भी ओवैसी के बयान का मुख्य कारण माना जा रहा है।

मुस्लिमों की सबसे बड़ी राष्ट्रीय पार्टी बन के उभरी

ओवैसी की पार्टी ने बिहार की पांच विधानसभा सीटों पर जीत दर्ज कर बिहार मुस्लिम वोट के समीकरण को बदल दिया है। जिसके बाद से यह माना जाने लगा है कि ओवैसी की पार्टी मुस्लिमों की एक नई राष्ट्रीय पार्टी बन के उभर रही है। असदुद्दीनओवैसी मुस्लिमों के सबसे लोकप्रिय नेता के रूप में सामने आये हैं।

ओवैसी की एआईएमआईएम पार्टी का गठन 1927 में हुआ था जो कि अपने शुरूआती समय में केवल तेलंगाना में ही चुनाव लड़ती थी। उसके बाद 1984 से ओवैसी की पार्टी हैदराबाद से लगातार चुनाव जीतती आ रही है।

2014 में महाराष्ट्र में दो सीटों पर मिली थी जीत

औवैसी की पार्टी ने तेलंगाना और 2014 में महाराष्ट्र की दो सीटों पर अपनी जगह बनाने के बाद इस विधानसभा चुनाव में पार्टी ने बिहार विधानसभा में भी प्रवेश कर लिया है। इस बार के हैदराबाद चुनाव में भी पार्टी ने पहली बार सबसे अधिक सीटों पर जीत दर्ज की है। लगातार मिल रही जीत से एआईएमआईएम पार्टी के हौंसले बुलंद हुए हैं।

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