पाकिस्तान चुनाव के सभी नतीजे घोषित, जानें बहुमत से कितनी दूर हैं इमरान खान

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इस्लामाबाद| नेशनल एसेंबली चुनाव में पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, लेकिन पार्टी बहुमत से 22 कदम दूर रह गई। पार्टी सरकार बनाने और पीटीआई प्रमुख इमरान खान को देश की कमान सौंपने के लिए निर्दलीयों और छोटी पार्टियों से समर्थन हासिल करने के लिए अनवरत प्रयास कर रही है।

इमरान खान
पाकिस्तान चुनाव आयोग द्वारा मुहैया कराए गए आंकड़ों के अनुसार, पीटीआई ने 270 सीटों में से 115 पर जीत दर्ज की है। पार्टी को हालांकि बहुमत के लिए 22 और सीटों की जरूरत है।

मई में अपनी सरकार का कार्यकाल पूरा कर चुकी पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज(पीएमएल-एन) को इस बार केवल 64 सीटों से संतोष करना पड़ा है, जबकि पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी(पीपीपी) 43 सीटों के साथ तीसरे स्थान पर है।

प्रधानमंत्री बनने की ओर अग्रसर इमरान खान ने खुद भी शनिवार को शीर्ष नेताओं के साथ बैठकों का दौर शुरू कर दिया है। पंजाब विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष महमूदुर राशिद ने भी खान से उनके आवास पर मुलाकात की। दोनों नेताओं ने पंजाब के मुख्यमंत्री के लिए संभावित उम्मीदवार समेत अन्य मुद्दों पर बातचीत की।

लगातार दो कार्यकाल तक पंजाब में सत्ता पर काबिज पीएमएल-एन एक बार फिर राज्य में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। यहां 295 विधानसभा सीटों में से पार्टी ने 129 पर कब्जा कर लिया है। जबकि पीटीआई को यहां 123 सीटें हासिल हुई हैं और वह 28 अन्य विधायकों के समर्थन से इस राज्य में भी सरकार बना सकती है।

सभी 270 सीटों पर नतीजों की घोषणा करते हुए चुनाव आयोग ने कहा कि कई धार्मिक संगठनों के गठबंधन मुत्ताहिद मजलिस-ए-अमाल(एमएमए) ने 12 सीटों पर और मुत्ताहिद कौमी मूवमेंट-पाकिस्तान(एमक्यूएम-पी) ने छह सीटों पर जीत हासिल की हैं।

पीएमएल-कायद और बलूचिस्तान अवामी पार्टी(बीएपी) ने चार-चार सीटों और सिंध की ग्रैंड डेमोक्रेटिक एलायंस(जीडीए) को दो सीटें मिली हैं।

अवामी मुस्लिम लीग(एएमएल), पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसानियत और जम्हूरी वतन पार्टी(जेडब्ल्यूपी) को भी एक-एक सीट मिली है।

12 निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी अपने क्षेत्रों से जीत दर्ज की है और संघीय सरकार के गठन में ये महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

पांच सीटों पर हालांकि दोबारा गिनती हो रही है, जिसका मतलब यह है शनिवार को जारी आयोग के नतीजे में कुछ बदलाव हो सकता है।

चुनाव आयोग ने दो सीटों पर चुनाव स्थगित कर दिया था और संभवत: इन सीटों पर चुनाव आगामी उपचुनावों के साथ करवाए जाएंगे।

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