पाकिस्तान भी डरता है भारत के इन पांच ब्रह्मास्त्र से, ये है इन हथियारों की खासियत

0

नई दिल्ली: पुलवामा में हुए आतंकी हमले में 40 जवानों के शहीद होने के बाद सीमा पर तनाव बढ़ा हुआ है। दो दिन पहले पाक प्रधानमंत्री इमरान खान ने पुलवामा हमले पर मीडिया के सामने बयान दिया था। इस दौरान उनके चेहरे पर डर साफ झलक रहा था। इसकी वजह पाक पर बढ़ते अंतरराष्ट्रीय दबाव के अलावा भारत के वो पांच ब्रह्मास्त्र हैं, जो पाकिस्तान में बड़ी तबाही मचा सकते हैं। युद्ध की स्थिति में अगर भारत ने अपने इन हथियारों का इस्तेमाल किया तो पाकिस्तान में लाखों लोगों को जान गंवानी पड़ सकती है। पाकिस्तान भी इन हथियारों से अच्छे से वाकिफ है।

जानकार मानते हैं कि अगर भविष्य में भारत-पाक के बीच युद्ध हुआ तो वह जमीन पर कम, समुद्र और आकाश में ज्यादा व्यापक होगा। वैसे तो भारतीय सेनाएं जल, थल और नभ तीनों क्षेत्र में पाकिस्तानी सेनाओं से बहुत आगे है, लेकिन भविष्य की आशंकाओं के लिहाज से तुलना करें तो जल और नभ दोनों में भारत की स्थिति पाकिस्तान से काफी मजबूत है। विशेष रूप से समुद्र में जहां भारत, पाकिस्तानी बंदरगाहों को अवरुद्ध करने की क्षमता रखता है|

पाकिस्तान अपने गैसोलीन खपत का 83 फीसद आयात करता है। ऐसे में युद्ध की दशा में पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था तुरंत चौपट हो जाएगी। मतलब बिना सैन्य युद्ध और परमाणु हथियारों का उपयोग किये बिना भी भारत, पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को बड़ा झटका देकर आर्थिक जीत हासिल कर सकता है। पाकिस्तान के खिलाफ इस भौगोलिक ताकत के अलावा आइये जानते हैं, भारत के उन पांच ब्रह्मास्त्रों के बारे में जिनसे पाकिस्तान सबसे ज्यादा डरता है।

आइएनएस विक्रमादित्य एयरक्राफ्ट कैरियर
अत्याधुनिक आइएनएस विक्रमादित्य (INS Vikramaditya) एयरक्राफ्ट कैरियर, नवंबर 2013 में नौसेना में शामिल किये गए हैं। आइएनएस विक्रमादित्य को विशेष रूप से पाकिस्तानी नौसेना का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए डिजाइन किया गया है। इसे समुद्र में भारतीय आक्रमण का नेतृत्व करने के लिए शामिल किया गया है। पाकिस्तान के लिए ये किसी बुरे सपने की तरह है कि भारत आइएनएस विक्रमादित्य को पाकिस्तान के सबसे बड़े कराची बंदरगाह पर खड़ा कर दे। इससे उनकी नौसेना पूरी तरह से ब्लॉक हो जाएगी।

आइएनएस चक्र न्यूक्लियर अटैक सबमरीन
जहां एक तरफ आइएनएस विक्रमादित्य नौसेना की ताकत का समुद्र के ऊपर प्रदर्शन करता है, वहीं दूसरी तरफ भारत की असली ताकत समुद्री सतह के नीचे मौजूद आक्रमणकारी 14 पनडुब्बियां हैं। इन पनडुब्बियों में सबसे शक्तिशाली है आइएनएस चक्र सबमरीन, जो परमाणु हमला करने की भी क्षमता रखती है। अपने 11 युद्धपोत और आठ पनडुब्बियों के साथ आइएनएस चक्र विभिन्न प्रकार के युद्ध टास्क को पूरा करने में सक्षम है। इसलिए ये पाकिस्तानी नौसेना के लिए सबसे बड़ा खतरा है।

एएच-64 डी अपाचे लॉन्गबो ब्लॉक III अटैक हेलीकॉप्टर
एएच-64डी अपाचे हेलीकॉप्टर भारतीय थल सेना के लिए जमीनी लड़ाई में एक लंबी छलांग है। अपाचे हेलीकॉप्टर अपनी बख्तरबंद संरचना की वजह से पारंपरिक युद्ध या आतंकवाद विरोधी अभियानों के दौरान कुछ भी करने में सक्षम है। ये लड़ाई के दौरान सबसे कारगर हेलीकॉप्टरों में से एक है। पर्वतीय इलाकों में काफी ऊंचाई पर भी अपाचे 171 मील प्रति घंटे की गति से उड़ान भरने में सक्षम है। इसके रोटर ब्लेड 12.7एमएम मशीन गन का सामना कर सकते हैं। ये हेलीकॉप्टर दुश्मन पर हमला कर उसे नष्ट करने के लिए तैयार किया गया है।

SU-30MKI फाइटर जेट
भारतीय वायु सेना के SU-30MKI फाइटर जेट का उद्देश्य पाकिस्तानी वायु सेना में सेंध लगाना है। भारतीय वायु सेना के पास वर्तमान में 200 SU-30MKI फाइटर जेट विमान हैं और 72 नए विमानों के लिए ऑर्डर दिया जा चुका है। ये विमान लंबी क्षमता वाले डबल इंजन, शक्तिशाली रडार और घातक हथियार से लैस है। SU-30MKI फाइटर जेट, 1980 के दशक के SU-27MKI फाइटर जेट का अपग्रेटेड वर्जन है। ये विमान हवा में पैंतरेबाजी करने में माहिर है और ये एक ही वक्त पर कई लक्ष्यों को टारगेट कर सकता है।

भारत के परमाणु हथियार
भारत ने 1974 में पहली बार 12 किलोटन विस्फोटक के साथ परमाणु हथियार का परीक्षण किया था। भारत के पास मौजूद परमाणु हथियार दुनिया के लिए केवल रहस्य हैं, क्योंकि इन्हें बेहद गोपनीय रखा गया है। लिहाजा भारत के पास कितने परमाणु हथियार हैं, इसकी सटीक जानकारी किसी के पास नहीं है। अनुमान लगाया जाता है कि भारत के पास 90 से 110 परमाणु हथियार हैं। इनकी शक्ति लगभग 200 किलोटन या हिरोशिमा पर गिराए गए परमाणु बम से तकरीबन 10 गुना ज्यादा होने का अंदाजा लगाया जाता है।

loading...
शेयर करें