संसद में फ्रांस के खिलाफ प्रस्ताव पारित करने पर पाकिस्तान का जमकर उड़ा मजाक

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैवुअल मैक्रों के इस्लामोफोबिया पर बयान देने के बाद पाकिस्तान सरकार ने फ्रांस के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया है।

नई दिल्लीः फ्रांस के राष्ट्रपति इमैवुअल मैक्रों के इस्लामोफोबिया पर बयान देने के बाद पाकिस्तान सरकार ने फ्रांस के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया है।

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने फ्रांस की मशहूर पत्रिका शार्ली हेब्दो में पैगंबर मोहम्मद पर छपे कार्टून का समर्थन करते हुए सेक्युलरिज्म का पक्ष लिया था। जिसके बाद से मैक्रों इस्लामिक देशों के निशाने पर हैं।

वहीं फ्रांस के मुखालफत करते हए पाकिस्तान की संसद ने एक प्रस्ताव पारित करके पैरिस स्थित पाकिस्तान दूतावास से अपने राजदूत को वापस बुलाने की मांग की है। पाक संसद ने इस प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है।

हालांकि इस प्रस्ताव के पारित होने के बाद पाक सरकार की जमकर किरकिरी हो रही है। जिसका कारण है कि फ्रांस की राजधानी पैरिस में पाक का कोई राजदूत तैनात ही नहीं है।

दरअसल पाकिस्तान ने तीन महीने पहले ही फ्रांस में पाक राजदूत मोइन-उल-हक की तैनाती पैरिस से चीन कर दी थी। तब से फ्रांस में पाकिस्तान का दूतावास खाली पड़ा है और वहां किसी अन्य राजदूत की तैनाती नहीं की गयी है।

वहीं प्रस्ताव पारित करते समय पाकिस्तान को फ्रांस दूतावास खाली होने की जानकारी नहीं थी। लेकिन संसद में प्रस्ताव पारित होने के बाद जब इस बात का पता चला तो पाक सरकार की न सिर्फ संसद में बल्कि सोशल मीडिया पर भी खूब फजीहत हुई है।

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