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पठानकोट में मिलेगी पाकिस्‍तान को एंट्री

नई दिल्‍ली। पठानकोट हमले में पाकिस्‍तान के आतंकवादी संगठनों की भूमिका जांचने के लिए अगर पाकिस्‍तान का जांच दल हिन्‍दुस्‍तान आएगा, तो उसकी पूरी मदद की जाएगी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने यह ऐलान करते हुए कहा कि भारत आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) के खिलाफ पाकिस्तान में हुई कार्रवाई को एक ‘महत्वपूर्ण और प्रथम सकारात्मक’ कदम मानता है।

पठानकोट

पठानकोट पर सरकार का रुख

स्वरूप ने संवाददाताओं से कहा, “हमने इस बात का संज्ञान लिया है कि पाकिस्तान सरकार पठानकोट हमले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) भेजने पर विचार कर रही है। हम एसआईटी के आने की प्रतीक्षा कर रहे हैं। हमारी जांच एजेंसियां हमले के मुजरिमों को इंसाफ के कठघरे में खड़ा करने के लिए हर तरह का सहयोग करेंगी।

पठानकोट हमले पर पाकिस्‍तान सरकार भी सख्‍त रुख अपना रही है। पाक सरकार ने जैश-ए-मोहम्‍मद के दफ्तरों को भी सील करने की बात कही है। भारत और पाकिस्तान के विदेश सचिवों के बीच शुक्रवार को प्रस्तावित वार्ता से पहले बुधवार को प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक हुई। इसके बाद जारी बयान में कहा गया है कि पठानकोट हमले की जांच में अच्छी प्रगति हुई है और सरकार इसकी आगे की जांच के लिए एक टीम पठानकोट भेजना चाहती है।

दूसरी ओर, पाक एजेंसियों द्वारा तीन छात्रों की गिरफ्तारी की बात भी कही जा रही है और इस तरह पाकिस्तान में पठानकोट मामले के सिलसिले में गिरफ्तार लोगों की संख्या अब 31 हो गई है। पाकिस्तान में शुरुआती सूचनाओं और भारत से मिले सबूतों के आधार पर जैश-ए-मोहम्मद के कई सदस्यों को पकड़ा गया है। इस संगठन के ऑफिसों को खोजकर उन्हें सील कर दिया गया है।

इस मामले में विदेश सचिव एस जयशंकर ने अपने पाकिस्तानी समकक्ष से बात की है। दोनों विदेश सचिव स्तर की वार्ता का कार्यक्रम निकट भविष्य में तय करने पर सहमत हो गए। विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘हम पठानकोट हमले की जांच के लिए पाकिस्तान के जांच दल के भारत आने का इंतजार कर रहे हैं, हम उसे पूरा सहयोग प्रदान करेंगे। साथ ही विदेश मंत्रालय ने यह भी कहा, ‘हम पाकिस्तान के बुधवार के बयान का स्वागत करते हैं, यह पहला सकारात्मक कदम है।’

 

 

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