Pakistan की Imran सरकार ने देश को किया अल्लाह के हवाले, वैक्सीन नहीं खरीदने का किया फैसला

इमरान सरकार इस साल कोरोना वैक्सीन खरीदने में असमर्थ है। बता दें कि फिलहाल इस महामारी से निपटने के लिए पाकिस्तान के पास आमदनी नहीं है और वह हर्ड इम्युनिटी (Herd immunity) और साथी देशों से खैरात में मिलने वाली कोरोना वैक्सीन (corona vaccine) पर निर्भर हैं।

नई दिल्ली : क़र्ज़ से डूबा पकिस्तान (Pakistan) दाने-दाने के लिए दुनिया से मदद को मोहताज़ है। ऐसे में पाकिस्तान की इमरान सरकार (Imran Government ) अपने देशवासियों को खैरात के भरोसे छोड़ने को तैयार है। दरअसल बात ये है कि इमरान सरकार इस साल कोरोना वैक्सीन खरीदने में असमर्थ है। बता दें कि फिलहाल इस महामारी से निपटने के लिए पाकिस्तान (Pakistan) के पास आमदनी नहीं है और वह हर्ड इम्युनिटी (Herd immunity) और साथी देशों से खैरात में मिलने वाली कोरोना वैक्सीन (corona vaccine) पर निर्भर हैं।

चीन से मिलेंगी वैक्सीन की 10 लाख डोज़

पाकिस्तान के एक अख़बार के मुताबिक नेशनल हेल्थ सर्विसेज (National Health Services) के सेक्रटरी आमिर अशरफ ख्वाजा (Aamir Ashraf Khawaja) ने गुरुवार को पब्लिक अकाउंट्स कमेटी की ब्रीफिंग के दौरान इस बात की जानकारी दी है। उन्होंने आगे बताया कि चीन की फार्मास्यूटिकल कंपनी सिनोफार्म (Sinopharm) ने पाकिस्तान (Pakistan) को कोरोना वैक्सीन की 10 लाख डोज़ देने का वादा किया है।

इनमें से अब तक 5 लाख डोज़ पाकिस्तान को दे दी गई हैं। अब तक मिली खुराकों में से 2 लाख 75 हजार डोज उन हेल्थ प्रोफेशनल्स को दी गई हैं जो अभी कोरोना मरीजों की देखरेख में लगे हुए हैं। आमिर अशरफ ने बताया कि पाकिस्तान का लक्ष्य इस साल के अंत तक 7 करोड़ लोगों को कोरोना वैक्सीन लगवाने का है।

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भारत से मिल सकती हैं1 करोड़ 60 लाख मुफ्त डोज़

आपको बता दें कि पाकिस्तान को भारत () निर्मित ऑक्सफ़ोर्ड-एस्ट्रेजेनेका (Oxford-estragenica) की कोरोना वैक्सीन की 1 करोड़ 60 लाख मुफ्त डोज़ मिल सकती हैं। जिससे पकिस्तान अपनी 20 प्रतिशत आबादी को कोरोना का टीका लगा सकेगा। यह वैक्सीन पाकिस्तान को ग्लोबल अलायंस फॉर वैक्सीन्स ऐंड इम्यूनाइजेशन (Gavi) के ज़रिये मिलेगी। साल 2000 में स्थापित इस अंतराष्ट्रीय संस्था का उद्देश्य दुनिया के गरीब देशों को वैसी बीमारियों का टीका मुहैया कराना है, जिन्हें वैक्सीन के जरिए रोका जा सकता है।

बता दें कि नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ हेल्थ एग्जीक्यूटिव (National Institute of Health Executive) डायरेक्टर मेजर जनरल आमिर इकराम (Aamir Ikram) के मुताबिक, चीन की बनाई कोरोना वैक्सीन की एक डोज की कीमत 13 डॉलर है। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि पाकिस्तान वैक्सीन के लिए अंतरराष्ट्रीय डोनर्स और चीन जैसे साथी देशों पर पूरी तरह निर्भर है।

इतना ही नहीं खबर यह भी है कि चीन (China) की एक और कंपनी पाकिस्तान में अपने टीके के तीसरे फेज का ट्रायल कर रही है। यानि एक बात तो साफ़ है कि पाकिस्तान को कोरोना वैक्सीन खरीदने की ज़्यादा आवश्यकता नहीं है क्योंकि अंतरराष्ट्रीय समुदाय और खास तौर पर चीन इसे मुफ्त में वैक्सीन मुहैया कराएंगे।

 

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