पाकिस्तान की सेना के अलकायदा और तालिबान से हैं घनिष्ट संबंध: ओबामा

ओबामा ने अपनी किताब में कहा कि ओसामा बिन लादेन को मारने के लिए चलाए गए अभियान के बारे में पाकिस्तान को कोई जानकारी नहीं दी गयी थी।

वाशिंगटन: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने अपनी नयी किताब में कहा है कि अलकायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन को मारने के लिए चलाए गए अभियान से पाकिस्तान को पूरी तरह से अनभिज्ञ रखा गया था। ओबामा ने कहा ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि उन्हें पता था कि पाकिस्तानी सेना के एक गुट का अलकायदा से संबंध हैं।

ओबामा ने ‘ए प्रॉमिस्ड लैंड’ नामक अपनी नयी किताब में इस बात का खुलासा किया है। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति के इस दावे से भारत और अफगानिस्तान के उस पक्ष को बल मिलता है, जिसमें पाकिस्तान पर यह आरोप लगाये है कि वह अपनी रणनीतियों को लागू करने के लिए आतंकवादी गतिविधियों का सहारा लेता है।

ओसामा को मारने की प्लानिंग को रखा गया बेहद गुप्त 

ओबामा ने अपनी किताब में कहा कि ओसामा बिन लादेन को मारने के लिए चलाए गए अभियान के बारे में पाकिस्तान को कोई जानकारी नहीं दी गयी थी। उन्होंने कहा है कि यदि जानकारी दी जाती तो अभियान असफल हो सकता था। उन्होंने पाकिस्तान के एबोटाबाद में छिपे हुए ओसामा बिन लादेन को मारने के लिए चलाए गए अभियान के बारे में संक्षिप्त जानकारी दी थी।

‘पाकिस्तानी सेना के अलकायदा और तालिबान से है घनिष्ठ संबंध’

ओबामा ने कहा कि उन्होंने इस अभियान में पाकिस्तान को शामिल करने के प्रस्ताव को खारिज कर दिया था क्योंकि उन्हें पता था कि पाकिस्तानी सेना के एक गुट के अलकायदा और तालिबान से घनिष्ठ संबंध हैं।

पुस्तक के मुताबिक पाकिस्तान की सेना और खुफिया एजेंसी भारत और अफगानिस्तान के खिलाफ आतंकवादी समूहों का इस्तेमाल करती है।

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