तोड़े गए मंदिर पर पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने दिया बड़ा आदेश

इस्लामाबाद: पाकिस्तान के प्रांत के कारक जिला स्थित टेरी गांव में टूटे हुए मंदिर (Temple) को पुनर्निर्माण शुरू करने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिए है। टेरी गांव में करीब एक सदी पुराने मंदिर (Temple) को कट्टरपंथी जमियत उलेमा ए इस्लाम पार्टी (फजल उर रहमान समूह) के सदस्यों ने 30 दिसंबर, 2020 को हमला करके तोड़ दिया था। जानकारी के मुताबिक, कट्टरपंथी जमियत उलेमा ए इस्लाम पार्टी के एक हजार से अधिक लोगों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए मंदिर को हटाने की मांग की थी।

खैबर पख्तूनख्वा सरकार ने जनवरी महीने में इस मंदिर पर हमला करने वालो के खिलाफ कार्रवाई की थी और मंदिर को पुनर्निर्माण करने की घोषणा की थी। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को इस मामले में सुनवाई की। सुनवाई के दौरान प्रधान न्यायाधीश गुलजार अहमद की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट की तीन-न्यायाधीशों की पीठ ने मंदिर को समय-सीमा में पुनर्निर्माण करने का आदेश दिया। इसके अलावा कोर्ट ने कहा, मंदिर पर हुए हमले में क्या अभी तक कोई बरामदगी या गिरफ्तारी हुई है? हमें सूचित बताए।

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कोर्ट ने हमलावर से सख्ती से निपटने का दिया आदेश

कोर्ट ने जनवरी महीने में मंदिर पर हमला करने वालो पर सख्ती से निपटने व आग के हवाले करने वाले लोगों से वसूल करने का आदेश दिया था। न्यायमूर्ति एजाजुल अहसन ने कहा कि कोर्ट ने यह आदेश इसलिए दिया था जिसे की हमलावर लोग एक सबक सीख सकें। इवैक्यू ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड पाकिस्तान में हिंदू और सिख पूजा स्थलों की देखरेख करता है। इसके वकील इकराम चौधरी ने पीठ को अवगत कराया कि मंदिर के मुद्दे पर अब तक कोई रिकवरी नहीं की गई है। चौधरी ने कोर्ट को बताया, सरकार ने मंदिर के पुनर्निर्माण के लिए 3.41 करोड़ पीकेआर की मंजूरी दी थी।

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