पंचांग 6 सितंबर 2018: गुरुवार को बन रहा विशेष योग, जानिए आज का शुभ मुहूर्त

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6 सितंबर 2018 दिन गुरुवार को पंचांग अनुसार के अनुसार कौन सा शुभ योग बन रहा है और क्या है राहुकाल। तिथि विशेष और शुभाशुभ मुहूर्त क्या है, जानिए आज के पंचांग में…

*गुरुवार, ६ सितंबर २०१८*

सूर्योदय: ०६:०५
सूर्यास्त: ०६:३६
चन्द्रोदय: २६:५५
चन्द्रास्त: १६:०४
अयन दक्षिणायन (उत्तरगोले)
ऋतु: शरद
शक सम्वत: १९४० (विलम्बी)
विक्रम सम्वत: २०७५ (विरोधकृत)
युगाब्द ५१२०
मास भाद्रपद
पक्ष: कृष्ण
तिथि: एकादशी (१२:१५ तक)
नक्षत्र: पुनर्वसु (१५:१५ तक)
योग: वरीयान् (२६:०१ तक)
प्रथम करण: बालव
द्वितीय करण: कौलव

*गोचर ग्रह*

सूर्य सिंह
चंद्र कर्क (०९:४३ से)
मंगल मकर
बुध सिंह (मार्गी)
गुरु तुला
शुक्र तुला
शनि धनु
राहु कर्क
केतु मकर

*शुभाशुभ मुहूर्त विचार*

अभिजित मुहूर्त: ११:४९ – १२:३९
अमृत काल: १३:०२ – १४:३०
होमाहुति: राहु
अग्निवास: पृथ्वी (१२:१५ तक)
दिशा शूल: दक्षिण
नक्षत्र शूल:
चन्द्र वास: पश्चिम (उत्तर ०९:४६ से)
दुर्मुहूर्त: १०:१० – ११:००
राहुकाल: १३:४८ – १५:२२
राहु काल वास: दक्षिण
यमगण्ड: ०६:०० – ०७:३३

*उदय-लग्न मुहूर्त*

०६:०० – ०६:४८ सिंह
०६:४८ – ०९:०६ कन्या
०९:०६ – ११:२७ तुला
११:२७ – १३:४६ वृश्चिक
१३:४६ – १५:५० धनु
१५:५० – १७:३१ मकर
१७:३१ – १८:५७ कुम्भ
१८:५७ – २०:२० मीन
२०:२० – २१:५४ मेष
२१:५४ – २३:४९ वृषभ
२३:४९ – २६:०४ मिथुन
२६:०४ – २८:२५ कर्क
२८:२५ – ३०:०० सिंह

*दिन विशेष*

*दिनांक -०६ सितम्बर*- अजा एकादशी व्रत
*दिनांक -०७ सितम्बर*-वत्स द्वादशी पूजा , प्रदोष व्रत
*दिनांक -०८ सितम्बर*- श्री मासिक शिवरात्रि व्रत
*दिनांक -०९ सितम्बर*- कुशा ग्रहणी अमावस
*दिनांक -१० सितम्बर*- एकम
*दिनांक -११ सितम्बर*- द्वितिय
*दिनांक -१२ सितम्बर*-हरितालिका तृतीय , श्री वराह प्राकट्य उत्सव
*दिनांक -१३ सितम्बर*-सिद्धि विनायक व्रत
*दिनांक -१४ सितम्बर*- ऋषी- पंचमी
*दिनांक -१५ सितम्बर*- सूर्य षष्ठी व्रत
*दिनांक -१६ सितम्बर*- सन्तान सप्तमी व्रत
*दिनांक -१७ सितम्बर*- संक्रांति
*दिनांक -१८ सितम्बर*- श्री चन्द्र नवमी
*दिनांक -१९ सितम्बर*- दशमी *दिनांक -२० सितम्बर*- पदमा एकादशी व्रत
*दिनांक -२१ सितम्बर*-श्री वामन जी प्राकट्य महोत्सव , पंचक प्रारम्भ *३०/११
*दिनांक -२२ सितम्बर*-शनि प्रदोष व्रत
*दिनांक -२३ सितम्बर*- अनन्त चतुर्दशी व्रत , मेला सोढल बाबा जी
*दिनांक -२४ सितम्बर*- श्री सत्यनारायण व्रत , पूर्णिमा श्राद्ध
*दिनांक -२५ सितम्बर*- पूर्णिमा स्नान , एकम श्राद्ध
*दिनांक -२६ सितम्बर*- पंचक समाप्त , द्वितिय श्राद्ध
*दिनांक -२७ सितम्बर*-तृतीय श्राद्ध
*दिनांक -२८ सितम्बर*- चतुर्थी श्राद्ध
*दिनांक -२९ सितम्बर*- पंचमी श्राद्ध
*दिनांक -३० सितम्बर*-षष्ठी श्राद्ध

*चौघड़िया विचार*

॥दिन का चौघड़िया॥
१ – शुभ २ – रोग
३ – उद्वेग ४ – चर
५ – लाभ ६ – अमृत
७ – काल ८ – शुभ
॥रात्रि का चौघड़िया॥
१ – अमृत २ – चर
३ – रोग ४ – काल
५ – लाभ ६ – उद्वेग
७ – शुभ ८ – अमृत
नोट- दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है। प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।

*शुभ यात्रा दिशा*

उत्तर-पश्चिम (राई अथवा दही लस्सी का सेवन कर यात्रा करें)

*तिथि विशेष*

अजा एकादशी (सभी के लिये), सर्वार्थसिद्धि योग ०६:२३ से अगले सूर्योदय तक, गुरुपुष्य+ अमृतसिद्धि योग १५:१३ से सूर्योदय तक आदि।

*आज जन्मे शिशुओं का नामकरण*

आज १५:१५ तक जन्मे शिशुओ का नाम पुनर्वसु तृतीय, चतुर्थ चरण अनुसार (ह, ही) तथा इसके बाद जन्मे शिशुओं का नाम पुष्य प्रथम, द्वितीय, तृतीय चरण अनुसार क्रमशः (हू, हे, हो) नामाक्षर से रखना शास्त्र सम्मत है

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