पानी रे पानी, Bundelkhand लिखेगा नई कहानी, सालों पुरानी बुझेगी प्यास

बुंदेलखंड में 32 परियोजनाओं में कुल 467 पाइप पेयजल योजनाओं के लिए दिन रात हो रहे निर्माण कार्य को देखकर गांव वाले भी बेहद खुश

झांसी: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के बुंदेलखंड (Bundelkhand) की अपनी अलग ऐतिहासिक, सामाजिक और सांस्‍कृतिक विरासत है। बुंदेली माटी में जन्‍मी अनेक विभूतियों ने न केवल अपना बल्कि इस अंचल का नाम खूब रोशन किया और इतिहास में अमर हो गए है।

बुंदेलखंड में दिसंबर से यहां पर पानी खुशहाली की नई कहानी लिखी जाएगी। यहां के लोगों को प्यास बुझ जाएगी और जल समृद्धि आएगी। क्षेत्र में 32 परियोजनाओं में कुल 467 पाइप पेयजल योजनाओं के लिए दिन रात हो रहे निर्माण कार्य को देखकर गांव वाले भी बेहद खुश हैं। उन्हें पूरा आस है कि जल्द ही उनकी सालों पुरानी समस्या का समाधान हो जाएगा। यहां पर सभी की प्यास भी बुझ जाएगी।

बुढ़पुरा पेयजल परियोजना

हर घर जल मिशन के अंतर्गत 239.76 करोड़ की लागत से बन रही झांसी जिले की बुढ़पुरा पेयजल परियोजना को लेकर उस गांव के लोग काफी खुश हैं। इस परियोजना से क्षेत्र के 62 राजस्व गांव के लोगों को पीने का साफ पानी मिलेगा। लेकिन बुढ़पुरा गांव के रहने वालों के चेहरे पर इस परियोजना के चालू होने की खुशी कुछ ज्यादा ही है। उनका कहना है कि सालों से मीलों चलकर पानी लाना पड़ता है। अब यह योजना से घर पर ही शुद्ध जल मिलेगा। बुढ़पुरा गांव के लोग इस लिए भी ज्यादा आशान्वित हैं कि प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) भी कुछ समय पहले गांव आए थे और परियोजना को समय से पहले ही पूर्ण करने का निर्देश दिया था। इसके बाद से निर्माण कार्य में भी तेजी आयी है।

 

 

झांसी स्थित बुढ़पुरा गांव (Budhpura Village) के ही रमेश कहते हैं, हमारी जमीन कई वर्षों से प्यासी है। इस परियोजना से हमारी धरती को पर्याप्त पानी मिल जाएगा। जानवर से लेकर इंसान सभी को पानी मिलेगा। इससे बड़ी बात क्या है। अभी हमें कुओं से पानी लेने के लिए कई किलोमीटर चलना पड़ता है।

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