परम बीर सिंह ने ‘फरार’ नोटिस को रद्द करने की मांग को लेकर मुंबई की अदालत का किया रुख

महाराष्ट्र: मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परम बीर सिंह ने शुक्रवार को मुंबई के एस्प्लेनेड कोर्ट में उनके खिलाफ अदालत के उद्घोषणा आदेश को रद्द करने की मांग करते हुए एक आवेदन दायर किया, जिसने उन्हें ‘फरार’ घोषित कर दिया। कोर्ट इस मामले में 29 नवंबर को सुनवाई करेगी।

परमबीर सिंह गोरेगांव रंगदारी मामले की जांच में शामिल होने कांदिवली स्थित क्राइम ब्रांच यूनिट 11 कार्यालय पहुंचे थे। मुंबई की एक अदालत द्वारा ‘फरार’ घोषित किए गए मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त, मुंबई पुलिस की अपराध शाखा के सामने अपने खिलाफ दर्ज एक जबरन वसूली मामले में बयान दर्ज करने के लिए पेश हुए थे।

सुप्रीम कोर्ट ने कुछ दिन पहले उन्हें गिरफ्तारी से सुरक्षा प्रदान की थी। सिंह पर महाराष्ट्र में कुल 5 रंगदारी के मामले हैं, जिनमें से 2 ठाणे में हैं। ठाणे पुलिस ने इन दोनों जबरन वसूली के मामलों की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है।

कई महीनों तक संचार से दूर रहने के बाद वह गुरुवार को मुंबई पहुंचे। उनके आने के बाद मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने उनसे जबरन वसूली के एक अलग मामले में सात घंटे तक पूछताछ की।

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