शबनम को फांसी देने के लिए तैयार पवन जल्लाद, बोले- ऑर्डर मिलते ही काम को करूंगा पूरा

लखनऊ: भारत के इतिहास में पहली बार किसी महिला को फांसी की सजा होने जा रही है. हालांकि अभी फांसी के तारीख का ऐलान नहीं हुआ है, लेकिन तैयारियां की जा रही है. निर्भया के दोषियों को फांसी के फंदे पर लटकाने वाले पवन जल्लाद एकबार फिर तैयार है. शबनम के मामले में पवन ने कहा कि जैसे ही तारीख की घोषणा हो जाएगी, मै अपने काम को अंजाम दे दूंगा.

भयावह घटना को दिया था अंजाम

अमरोहा की रहने वाली शबनम ने साल 2008 के अप्रैल महीने में प्रेम प्रसंग के चलते प्रेमी के साथ मिलकर अपने ही परिवार के 7 लोगों को कुल्हाड़ी से काटकर बड़ी ही बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया था.

अमरोहा जिला न्यायालय ने सुनाई थी सजा

बर्बरता से किये गए इस हत्याकांड के बाद यह मामला 15 जुलाई 2010 को अमरोहा जिला न्यायालय पहुंचा, जहां अदालत ने शबनम और उसके प्रेमी शलीम को फांसी की सजा सुनाई.

सुप्रीम कोर्ट ने फैसले को रखा था बरकरार

इसके बाद अमरोहा के जिला न्यायालय के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई. लेकिन बात यहां भी नहीं बनी और सुप्रीम कोर्ट ने अमरोहा जिला न्यायालय के फैसले को बरकरार रखा.

राष्ट्रपति ने दया याचिका को किया था ख़ारिज

राष्ट्रपति के यहां से भी दया याचिका खारिज की जा चुकी है. अब शबनम को फांसी होनी तय है.

प्रशासन कागजी कार्रवाई करने में जुटी

उधर चौधरी चरण सिंह जिला कारागार के वरिष्ठ जेल अधीक्षक डॉक्टर बीडी पांडेय ने प्रशासन कागजी कार्रवाई को पूरा करने में जुटा हुआ है. उन्होंने बताया कि शबनम को फांसी मथुरा जेल में ही दी जानी है.

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