पीडीपी विधायक जावेद हसन ने भी दिखाए बगावती तेवर, कहा- हारने वाले लोगों के हाथ पार्टी की कमान

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श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में सरकार गिरने के बाद एक ओर जहां महबूबा मुफ्ती की पीपुल्स डेमोक्रेटिक फ्रंट (पीडीपी) कांग्रेस से गंठबंधन की कोशिश में जुट गई है। वहीं पीडीपी में बागियों की संख्या बढ़ती जा रही है। बारामूला के विधायक जावेद हसन बेग ने शुक्रवार को कहा कि पार्टी अपने विधायकों का सम्मान नहीं कर रही है। वह यहीं नहीं रुके, और उन्होंने कहा कि पीडीपी को हारने वाले लोग चला रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने कहा कि पार्टी का नेतृत्व अपने विधायकों का न तो सम्मान नहीं करी है न ही कोई तवज्जो दे रही है। उन्होंने कहा कि मैने पार्टी के लिए 20 साल बर्बाद कर दिये।

पीडीपी (परिवार डेमोक्रेटिक पार्टी) – बागी विधायक

पीडीपी के बागी विधायकों ने हाल ही में यह कहा था कि पार्टी में परिवार वाद को बढ़ावा दिया जा रहा है। बीते दिनों पार्टी के  चार अन्य विधायकों ने महबूबा मुफ्ती के खिलाफ वंशवाद की राजनीति का आरोप लगाया था। विधायक आबिद हुसैन अंसारी, उनके भतीजे इमरान हुसैन अंसारी, तंगमार्ग से विधायक मोहम्मद अब्बास वानी ने पीडीपी को ‘परिवार डेमोक्रेटिक पार्टी’ बताया था। यही नहीं इस दौरिन आबिद ने कहा था कि भाजपा-पीडीपी गठबंधन के दौरान लिए गए फैसलों और नीतियों से हम खुश नहीं हैं। इनके अलावा पट्‌टन से विधायक इमरान अंसारी ने आरोप लगाया था कि पीडीपी पर कुछ लोगों ने अधिकार जमा रखा है।

भाजपा के संपर्क में बागी नेता

सूत्रों की मानें तो महबूबा की पीडीपी के कुछ बागी नेता भाजपा के नेतृत्व के संपर्क में हैं। जोकि किसी भी समय घाटी की सियासत में नया भूचाल लाने को तैयार हैं। पीडीपी और कांग्रेस समेत अन्य पार्टियों के बागी और असंतुष्ट नेता कुछ दिनों में एक साथ आ सकते हैं। यह चर्चा तेज इसलिए हुई, क्योंकि 27 जून को ही भाजपा नेता राम माधव ने पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के नेता सज्जाद लोन से मुलाकात की थी।

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