Jeff Bezos के फोन हैकिंग में हुआ Pegasus Spyware का इस्तेमाल, भारतीय भी हो चुके हैं शिकार

दुनिया के सबसे अमीर आदमी जेफ बेजोस (Jeff Bezos) के फोन हैकिंग मामले में रोज नए खुलासे हो रहे हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बेजोस का फोन हैक करने के लिए पेगासस स्पाईवेयर (Pegasus Spyware) का प्रयोग किया गया था. जांच के लिए बेजोस ने सिक्योरिटी कंसल्टेंट हायर किया था जिसकी रिपोर्ट में कहा गया था कि सऊदी प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (Saudi Pricne Mohammad Bin Salman) से जुड़े वॉट्सऐप अकाउंट को बेज़ोस का फोन हैक करने के लिए इस्तेमाल किया गया था. यह मामला इतना बढ़ा कि यूनाइटेड नेशंस तक पहुंच गया. बुधवार को जारी की गई अपनी रिपोर्ट में यूनाइटेड नेशंस ने इस हैकिंग के पीछे पेगासस स्पाईवेयर का इस्तेमाल किए जाने की आशंका जताई थी.

कई जीबी डेटा हुआ था चोरी
यूएन की रिपोर्ट में कहा गया है कि मई 2018 में सऊदी प्रिंस के अकाउंट से बेजोस को एक मैसेज भेजा गया था जो कि एन्क्रिप्टेड वीडियो फाइल था. इस वीडियो को डाउनलोड करते ही बेजोस का फोन हैक हो गया. इस हैकिंग के साथ बेजोस के फोन से महीनों तक कई जीबी डेटा चोरी होता रहा.

पेगासस एक तरह का स्पाईवेयर है जिसे किसी फोन में पहुंचाने के लिए खास तरह के लिंक का प्रयोग किया जाता है. यह ऐंड्रॉयड के साथ ही iOS डिवाइसेज को भी अपना शिकार बना सकता है. यह न सिर्फ फोन की हर एक्टिविटी को मॉनीटर कर सकता है बल्कि कैमरा और माइक्रोफोन को भी ऑन कर सकता है.

पेगासस स्पाइवेयर के जरिए जुटाए गए डेटा को एनएसओ ग्रुप के पेगासस सर्वर पर भेजा जाता है. हालांकि, एनएसओ ने शुरुआत से ही पेगासस के जरिए की जाने वाली जासूसी के आरोपों का खंडन किया है. एनएसओ की कहना है कि यह सॉफ्टवेयर केवल कानूनी एजेंसियों द्वारा ही इस्तेमाल किया जाता है न कि यूजर्स की जासूसी के लिए.

भारतीयों को भी पेगासस बना चुका है निशानाखबरों के मुताबिक पेगासस के जरिए 20 देशों के करीब 1400 लोगों को निशाना बनाया जा चुका है जिसमें 20 भारतीय भी शामिल हैं. इसमें काफी नामी लोगों को निशाना बनाया गया था.

पेगासस एक तरह का स्पाईवेयर है जिसे किसी फोन में पहुंचाने के लिए खास तरह के लिंक का प्रयोग किया जाता है. यह ऐंड्रॉयड के साथ ही iOS डिवाइसेज को भी अपना शिकार बना सकता है. यह न सिर्फ फोन की हर एक्टिविटी को मॉनीटर कर सकता है बल्कि कैमरा और माइक्रोफोन को भी ऑन कर सकता है.

पेगासस स्पाइवेयर के जरिए जुटाए गए डेटा को एनएसओ ग्रुप के पेगासस सर्वर पर भेजा जाता है. हालांकि, एनएसओ ने शुरुआत से ही पेगासस के जरिए की जाने वाली जासूसी के आरोपों का खंडन किया है. एनएसओ की कहना है कि यह सॉफ्टवेयर केवल कानूनी एजेंसियों द्वारा ही इस्तेमाल किया जाता है न कि यूजर्स की जासूसी के लिए.

भारतीयों को भी पेगासस बना चुका है निशानाखबरों के मुताबिक पेगासस के जरिए 20 देशों के करीब 1400 लोगों को निशाना बनाया जा चुका है जिसमें 20 भारतीय भी शामिल हैं. इसमें काफी नामी लोगों को निशाना बनाया गया था.

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