गोमेद धारण करने से खत्म हो सकता है राहू का प्रकोप, बदल सकती है आपकी किस्मत

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लखनऊ। आइये जानें राहू ग्रह से प्रभावित लोग कौन सा रत्न धारण कर बदल सकते हैं अपनी किस्मत।
गोमेद की विशेषता व धारण करने से लाभ:- गोमेद राहू ग्रह का प्रतिनिधि रत्न है, अतः गोमेद धारण करने से राहू ग्रह के अनिष्ट प्रभाव शांत होते है। राहू ग्रह के प्रकोप से मानासिक तनाव बढ़ता है, छोटी, छोटी बातों पर क्रोध आता है, कार्य कुशलता में निर्णायक कमी आती है, तथा बनी बनाई योजना असफल हो जाती है। ऐसे व्यक्तियों को गोमेद अवश्य धारण करना चाहिए।गोमेद धारण करने से शत्रुओं पर विजय श्री प्राप्त होती है।गोमेद कोर्ट -कचहरी या मुकदमें के मामलें में विशेष शुभ करी होता है।उदर रोगों का कारण भी राहू ग्रह को ही माना गया है,अतः गोमेद धारण करने से पाचन तंत्र भी मजबूत होता है । जिन बच्चों का मन पढ़ाई में नही लगता है तथा चंचलतावश मन छटपटाता रहता है उन बच्चों को गोमेद का लाकेट पहनाना चाहिये।इसे धारण करने से रुके हुवे समस्त कार्य पुनः प्रारंभ होने लगते है।इस रत्न को पहनने के लिए राशि का विचार नही कियाजाता।
गोमेद धारण करने की विधि:- गोमेद कम से कम सवा पाँच रत्ती का या इससे ऊपर का पहनना चाहिए। गोमेद सवा  5, 7,9,11 रत्ती का शुभ होता है। गोमेद को  चाँदी की धातु में जड़वाना चाहिए। गोमेद को शनिवार  के दिन  पंचामृत व गंगाजल से पवित्रता के साथ स्नान कराकर प्रातः सूर्योदय से  11  बजे या किसी विद्वान के निर्देशन में भगवान शिव के लिंग का स्पर्श कराकर दाएं हाथ की मध्यमा अंगुली में पूर्व या ईशान कोंण की ओर मुख करके धारण करना चाहिए।
धारण करने का मंत्र :-
किसी ज्योतिर्विद के निर्देशन में कम से कम 108 बार ॐ रां राहवे नमः मन्त्र से अभिषिक्त कर धारण करना चाहिए।
विशेष:- गोमेद जिस दिन धारण किया जाए उस दिन से यह तीन वर्ष तक अपना अधिक प्रभाव प्रदर्शित करता है।
।।आचार्य स्वामी विवेकानन्द।।
।।श्री अयोध्या धाम।।
ज्योतिर्विद
संपर्क सूत्र:-9044741252
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