नोटबंदी के दो साल बाद भी वैष्णो देवी में चढ़ाए जा रहे है 1000,500 के पुराने नोट

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नई दिल्ली। देश में वैष्णो देवी मन्दिर एक बहुत ही महत्वपूर्ण स्थान है, यहां रोजाना हजारों श्रद्धालू दर्शन केलिए पहुंचते है। यहां पर चढ़ावा भी बहुत ही बड़ी मात्रा में चढ़ता है, लेकिन इस बार यहां के चढ़ावे ने देश को हैरान कर दिया है। आपको बताते चले कि इस बार यहां 2।3 करोड़ रुपये मूल्य के पुराने 500 या 1000 के नोट दान में मिले हैं, जो बैन हो चुके हैं। लोगों ने बंद हो चुकी नोट से अपनी श्रद्धा दिखाई है।  नवंबर, 2016 में नोटबंदी के तत्काल बाद सिर्फ एक महीने में बहुत से भक्तों ने तीर्थस्थान पर 1।90 करोड़ रुपये के पुराने नोट चढ़ा दिए।

आपको बताते चले कि नवंबर 8 2016 को पीएम मोदी ने पूरे देश में हजार औऱ पांच सौ के नोट बंद कर दिये थे। जिसके बाद चारों तरफ अफरा तफरी मच गयी थी। काली कमाई रखने वालों के लिए मोदी सरकार का यह कदम एक सर्जिकल स्ट्राईक साबित हुआ था। चौकाने की बात यह है कि करीब दो साल में अब तक 40 लाख रूपये के पुराने नोट चढ़ाए गए।

भक्तों की यह श्रद्धा चौका देने वाली है। नोटबंदी के बाद बचा हुआ पैसा लोग धार्मिक स्थानों पर चढ़ा रहे है। वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के सीईओ सिमरदीप सिंह ने मीडिया को बताया कि वैष्णो देवी स्थान को मिलने वाले दान में किसी तरह की गिरावट नहीं है। यह अब भी उत्साहजनक है, लेकिन कुछ भक्त अब भी पुराने नोट चढ़ा रहे हैं।’

सिंह ने बताया कि रिजर्व बैंक अब ऐसे पुराने नोट लेना बंद कर चुका है, तो बोर्ड खुद ही इन्हें उपयुक्त तरीके से नष्ट करने की योजना बना रहा है। वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के पास चढ़ावे के रूप में काफी नकदी आती है। साल 2018 में बोर्ड को चढ़ावे के रूप में 164 रुपये मिले, जो इसके पिछले साल के मुकाबले 10 करोड़ रुपये ज्यादा है।

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