आगरा के इस गांव में 35 साल बाद लोग करेंगे वोटिंग, जानें क्यों

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आगरा। आगरा में होने वाले नगर निगम चुनाव में पूरे 35 साल बाद बसई मुस्तकिल के मजरे नगला अरहर और नोपुरा गांव के लोगों को वोट डालने का सौभाग्य मिलने जा रहा है। लम्बे समय से चले आ रहे इस संघर्ष के खत्म होने के बाद अब यहां के लोग वोटिंग के जरिये अपने मेयर और पार्षद का चुनाव करेंगे।

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वोटिंग

आपको बता दें कि ऐसा इसलिए है क्योंकि साल 1982 में यहां आयोजित नगर निगम सीमा विस्तार में नगला मेवाती को तो नगर निगम चुनाव में शामिल कर लिया गया था। लेकिन, मजरे नगला अरहर और नौपुरा के रहने वालों के वोट नहीं बने थे। इस तरह नगर निगम में शामिल होने के बावजूद वोट न बन पाने की वजह से इन्हें ग्राम पंचायत और नगर निगम चुनाव में वोट डालने का अधिकार नहीं दिया गया था।

यही सबसे बड़ी वजह थी कि इस गांव का विकास कार्य रुका हुआ था। यहां ग्रामीण अपनी मांगों को लेकर विधायक और सांसदों के भरोसे बैठे हुए थे और संघर्ष कर रहे थे। इस स्थिति को देखते हुए पार्षद मोहन सिंह लोधी ने इस मामले को प्रदेश सरकार के सामने रखा। इसपर शासन ने जिलाधिकारी को जांच करने के आदेश दिए।

इसके बाद जिलाधिकारी द्वारा दिए गए निर्देश पर नगर निगम के तहसीलदार, तहसीलदार सदर और बीडीओ बरौली अहीर ने पूरे मामले की जांच-पड़ताल की। हालांकि अब दोनों गांवों के लोगों को नगर निगम चुनाव में शामिल किया जा रहा है।

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