श्रीकृष्ण जन्मभूमि से शाही मस्जिद हटाने संबंधी वाद स्वीकार

वाद को स्वीकार कर लिया गया है। इस वाद में यूनाइटेड हिन्दू फ्रन्ट के संस्थापक जय भगवान गोयल निवासी शाहदरा दिल्ली तथा धर्म रंक्षा संघ के अध्यक्ष सौरभ गौड़ भी शामिल हैं।

मथुरा: खुद को श्रीकृष्ण का वंशज होने एवं ब्रजवासी होने का दावा करने वाले अधिवक्ता महेन्द्र प्रताप सिंह एवं अधिवक्ता राजेन्द्र माहेश्वरी ने अदालत में वाद दायर कर श्रीकृष्ण जन्मभूमि की 13.37 एकड़ भूमि के एक भाग में बनी शाही मस्जिद ईदगाह को हटाने की मांग की है।

अधिवक्ता महेन्द्र प्रताप सिंह अध्यक्ष भागवत धर्म फाउन्डेशन महोली रोड मथुरा ने बताया कि विराजमान ठाकुर केशव देव जी महराज कटरा केशवदेव की ओर से उनके वंशज होने का दावा करते हुए वाद को सिविज जज सीनियर डिवीजन नेहा भदौरिया की अदालत में बुधवार को दायर किया गया है।

इस वाद में अदालत से 1968 में हुए समझौते को रद्द करने की भी मांग की गई है

वाद को स्वीकार कर लिया गया है। इस वाद में यूनाइटेड हिन्दू फ्रन्ट के संस्थापक जय भगवान गोयल निवासी शाहदरा दिल्ली तथा धर्म रंक्षा संघ के अध्यक्ष सौरभ गौड़ भी शामिल हैं। इस वाद में अदालत से 1968 में हुए समझौते को रद्द करने की भी मांग की गई है, साथ ही वादियों को उसका नियंत्रण देने को भी कहा गया है। इस वाद में इंतजामिया कमेटी शाही मस्जिद ईदगाह के सचिव तथा यूपी सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष/ चेयरमैन, श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान को प्रतिवादी बनाया गया है।

उन्होंने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण की विभिन्न नामों से पूजा की जाती है। इसमें जिस नाम से भगवान को जाना जाता है, वह ठाकुर केशवदेव है। ठाकुर केशवदेव के नाम से कटरा का नाम कटरा केशवदेव पड़ा है, इसलिए भगवान के इस रूप को ही वादी बनाया गया है। उनका कहना था कि इस मामले में अगली सुनवाई 22 जनवरी को होगी।

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