यूपी विधानसभा में विस्फोटक मामला : काम करने वाले अधिकारियों से ATS ने की पूछताछ

0

लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा में मिले विस्फोटक के बाद एनआईए और यूपी एटीएस जांच कर रही है। शनिवार को भी दिन भर पूछताछ का दौर जारी रहा। एटीएस ने विधानसभा भवन में नियुक्त अधिकारियों और कर्मचारियों से पूछताछ कर उनके बयान दर्ज किए गए।

विधानसभा

विधानसभा में मौजूद अधिकारियों से ATS ने की पूछताछ

राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी (NIA) और एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) की साझा टीम ने दिन भर विधानसभा भवन के चप्पे चप्पे की जांच की। शनिवार को मॉकड्रिल हुआ इस मॉक ड्रिल में किसी भी आपातकाल से निकले के लिए पुलिस की तैयारी का जायजा लिया गया। इसमें आग लगने से लेकर आतंकी हमलों तक की तैयारियों का निरिक्षण किया गया।

खबर है कि रविवार को भी एटीएस विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के साथ मॉकड्रिल करेगी। यूपी एटीएस के आईजी असीम अरुण ने बताया कि एटीएस ने विस्फोटक की बरामदगी के समय विधान भवन में मौके पर उपस्थित रहे या ड्यूटी में तैनात विभिन्न 15 अधिकारियों व कर्मचारियों से पूछताछ कर उनका बयान दर्ज किया है।

उन्होंने बताया कि विधानसभा के एक असिस्टेंट मार्शल, चार इंजीनियरों, दो सुरक्षाकर्मियों (बीडीएस एवं डॉग स्क्वायड में तैनात) व एक एसी ऑपरेटर सहित सात चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों से पूछताछ की गई। जांच दल में शामिल एटीएस के एसएसपी उमेश कुमार श्रीवास्तव तथा डीएसपी प्रभाकर चौधरी, डी.के. पुरी व अभय नारायण शुक्ला ने अधिकारियों व कर्मचारियों के बयान दर्ज किए।

आईजी एटीएस ने बताया कि अधिकारियों ने आज विधान भवन परिसर में लगे कुल 23 कैमरों जिनमें 12 कैमरे परिसर में, 6 कैमरे भवन मंडल में, 2 कैमरे सत्ता पक्ष एवं विपक्ष के आवागमन गेट पर तथा सदन के भीतर स्थापित दूरदर्शन के 3 कैमरों की रिकॉर्डिग ली है। इनकी गहनता से जांच की जा रही है।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर एटीएस के अधिकारियों ने एटीएस ने आपात स्थितियों से निपटने की अपनी तैयारियों को भी परखा और जांच में जुटी रही।

आईजी ने बताया कि रविवार को विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के साथ एटीएस विधानसभा परिसर में मॉक ड्रिल करेगी और सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक पुख्ता करने की कोशिश करेगी, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की सुरक्षा संबंधित चूक न हो सके।

शनिवार को एटीएस ने जिन अधिकारियों और कर्मचारियों से पूछताछ कर बयान लिए उनमें असिस्टेंट इंजीनियर अखिलेश कुमार, जूनियर इंजीनियर वीरेंद्र दुबे और यतींद्रनाथ सिंह, एसी ऑपरेट गुलफाम, अवर अभियंता सुरेश कुमार दुबे, मुख्य आरक्षी सुरक्षा राकेश कुमार सिंह, बीडीएस टीम अशोक कुमार, व्यवस्थापक सुरेश कुमार राजभर और चतुर्थश्रेणी कर्मी राजकुमार पाल, अनिल कुमार, मनोज कुमार, शमीम अब्बासी, विनय मिश्रा, हनीफ व मदन वाल्मीकि शामिल हैं।

आपको बता दें कि इस मामले में सपा के विदाह्यकों से भी पूछताछ की गई। यूपी विधानसभा में समाजवादी पार्टी के एमएलए मनोज पांडे की सीट के नीचे से ही पेंटेरीथ्रिटोल टेट्रानेरेट्रेट (पीईटीएन) विस्फोटक मिला था लेकिन बीस मिनट तक हुई पूछताछ में पांडे ने बताया कि उनहोंने कोई संदिग्ध चीज़ अपने आसपास नहीं देखी। इसके अलावा कन्नौज से ही समाजवादी पार्टी के विधायक अनिल दोहरे से भी एटीएस ने फोन पर ही पूछताछ की है। वे 12 जुलाई मनोज पांडे के बगल वाली सीट पर विधानसभा मे बैठे थे।

loading...
शेयर करें