एकाउंट aggregator बनने के PhonePe के सपने को मिली आरबीआइ की मंज़ूरी

नई दिल्ली : पेमेंट एप्लीकेशन कंपनी  फोनपे ने एक बयान जारी कर कहा की है एकाउंट aggregator के तौर पर ऑपरेट करने के लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की ओर से  कंपनी को अनुमति मिल गई है। इस कड़ी में आपकी जानकरी के लिए बता दें की अब कंपनी लाइसेंस अपने एकाउंट एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म पर कस्टमर्स की सहमति से डेटा के एक्सचेंज की सुविधा दे सकेगी।

 इस एग्रीमेंट से एकाउंट aggregator बनने का सपना जल्द हॉ पूरा

इस कड़ी में आपकी जानकारी के लिए बता दें यह डेटा फाइनेंशियल इनफॉर्मेशन यूजर्स और फाइनेंशियल इनफॉर्मेशन प्रोवाइडर्स  के बीच सुरक्षित तरीके से एक्सचेंज होगा। इससे तहत कस्टमर्स को जल्द, सस्ती और सुविधाजनक मदद के साथ साथ कई फाइनेंशियल सर्विसेज लेने में मदद मिलेगी।

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इस कड़ी में फोनपे के सीटीओ और को-फाउंडर, राहुल चारी ने मीडिया को बताया कि एकाउंट एग्रीगेटर लाइसेंस से कंपनी को सहमति के साथ फाइनेंशियल डेटा शेयर करने के लिए इकोसिस्टम बनाने में मदद मिलेगी। इस कड़ी में उनके मुताबिक आरबीआइ  के देश भर में फाइनेंशियल सर्विसेज को पहुंचाने के उद्देश्य को आगे बढ़ाने के लिए फोनपे इंडस्ट्री के सभी स्टेकहोल्डर्स के साथ मिलकर काम करेगी।

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