खाकी के रौब में फोटो जर्नलिस्‍ट से बदसलूकी, झूठे मुकदमे में दी फंसाने की धमकी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पुलिस प्रशासन द्वारा पत्रकारों के साथ बदसलूकी करने के कई मामले सामने आ चुके हैं, लेकिन अभी तक योगी सरकार समाज के इस चतुर्थ स्तम्भ की आवाज अनसुनी करती रही है। ऐसा ही एक मामला शुक्रवार को सीएम योगी आदित्‍यनाथ के जनसंपर्क कार्यक्रम के बाद देखने को मिला, जहां एसपी ईस्‍ट सर्वेश मिश्रा और इंस्‍पेक्‍टर हजरतगंज आनंद शाही ने फोटोजर्नलिस्‍ट आशुतोष त्रिपाठी से न सिर्फ बदसलूकी की बल्कि अपने पद का रौब दिखाते हुए झूठे मुक़दमे में फंसाने की धमकी भी दी।

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चतुर्थ स्तम्भ की आवाज

जिस पत्रकार को लोकतंत्र का डाकिया कहा जाता है, उसी लोकतंत्र की रक्षा करने की शपथ लेने वाले पुलिसकर्मी की नजर में इस डाकिये की कितनी अहमियत है यह बात यूपी की सत्तारूढ़ योगी सरकार के कार्यकाल में साफ़ नजर आ रही है। इस मामले में आशुतोष त्रिपाठी की गलती सिर्फ इतनी थी कि गैर जिम्मेदारी से गाड़ी चलाने की वजह से एसपी ईस्‍ट के ड्राइवर का विरोध किया था।

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दरअसल, गैर जिम्मेदारी से गाड़ी चलाते हुए एसपी ईस्‍ट के ड्राइवर ने गाड़ी बाइक करते हुए आशुतोष की गाड़ी पर ठोकर मार दी। लेकिन आशुतोष द्वारा इस बात का विरोध करना इंस्पेक्टर और एसपी सिटी दोनों को नागवार गुजरा। पहले ड्राइवर ने फोटोजर्नलिस्‍ट के साथ गाली गलौज की, फिर एसपी सिटी ने भी मौके पर पहुंचकर फोटोजर्नलिस्‍ट से बदसलूकी करना शुरू कर दिया।

बात यहीं नहीं थमी, जब आशुतोष ने इंस्‍पेक्‍टर की शिकायत एसपी सिटी से की तो, उन्होंने भी इंस्‍पेक्‍टर और ड्राइवर पर कार्रवाई करने की जगह आशुतोष पर ही रौब दिखाना शुरू कर दिया।

वे पहले गाली गलौज करते रहें फिर मुक़दमे में फंसाने की धमकी देने लगे। केवल इतना ही नहीं, एसपी सिटी ने इंस्पेक्टर से आशुतोष को हिरासत में लेकर मुकदमा लिखने का निर्देश दिया ।

फोटोजर्नलिस्‍ट आशुतोष त्रिपाठी के साथ अभद्रता की जानकारी होते ही मीडियाकर्मियों ने एसएसपी आवास का घेराव किया। कार्रवाई का दबाव बढ़ने पर एसएसपी दीपक कुमार ने इंस्‍पेक्‍टर आनंद शाही और एसपी ईस्‍ट को कार्यमुक्‍त करने का आश्‍वासन दिया है। आनंद शाही को तत्काल प्रभाव के साथ कार्य मुक्त कर दिया गया है और एसपी पूर्वी को कल शाम के बाद कार्यमुक्त किया जाएगा।

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